13 सिमी आतंकियों को रिहाई का रास्ता बंद!

राज्य सरकार ने 481 बंदियों में से सिर्फ 87 को पात्र माना
मध्यप्रदेश जेल मुख्यालय ने राज्य सरकार को 481 जेल बंदियों को रिहा करने का प्रस्ताव भेजा था। इनमें से 13 ऐसे बंदी थे, जो सिमी संगठन से जुड़ी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। सरकार ने जेल मुख्यालय द्वारा भेजे गए सिमी आतंकियों से संबंधित प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, प्रतिवर्ष राज्य सरकार चार अवसरों पर जेल बंदियों को रिहाई देती है। इसके लिए जेल मुख्यालय से प्रस्ताव मांगे जाते हैं। ये अवसर गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती और बिरसा मुंडा जयंती होते हैं। इस वर्ष राज्य सरकार ने 87 बंदियों को रिहाई के लिए पात्र माना है।
इनमें से लगभग दो दर्जन ऐसे बंदी हैं, जिनकी ओर से रिहाई के लिए पहले से ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील लंबित है।
राज्य सरकार ने ऐसे पात्र बंदियों के नाम भी सार्वजनिक किए हैं, जिनके संबंध में यह शर्त रखी गई है कि उनकी अपील का निराकरण 26 जनवरी से पूर्व होना अनिवार्य है।
रिहा होने वाले बंदियों में सात ऐसे बंदी भी शामिल हैं, जो गैर-आजीवन कारावास की श्रेणी में आते हैं। इनमें सर्वाधिक चार बंदी सतना जिले से, दो रीवा से और एक उज्जैन जेल से रिहा किया जाएगा।
इसके अलावा आजीवन कारावास से दंडित बंदियों की श्रेणी में भोपाल जेल से सर्वाधिक 11 बंदी रिहा होंगे। उज्जैन सर्किल जेल से पांच, सतना सर्किल जेल से आठ, नर्मदापुरम सर्किल जेल से तीन, बड़वानी सर्किल जेल से छह, अलीराजपुर जिला जेल से एक तथा ग्वालियर, जबलपुर, सागर और इंदौर सर्किल जेल से 9-9 बंदी रिहा किए जाएंगे। वहीं रीवा से 10 और नरसिंहपुर सर्किल जेल से छह कैदी रिहा होंगे।
ऐसे बंदी, जिनकी आजीवन सजा के अलावा अन्य प्रकरणों में सजा शेष है, उन्हें आजीवन कारावास से तो रिहा किया जाएगा, लेकिन शेष सजा की अवधि के लिए जेल में ही रखा जाएगा।
