उज्जैन में विश्वमांगल्य सभा का पहला मालवा प्रांत अधिवेशन आज से

उज्जैन में विश्वमांगल्य सभा का पहला मालवा प्रांत अधिवेशन आज से
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संस्कार, सामर्थ्य, सदाचार और सेवा का संकल्प लेकर विश्वमांगल्य सभा का मालवा प्रांत का मातृसंस्कार समागम उज्जैन के नृसिंह पाट के समीप झालरिया मठ में आज शनिवार और कल रविवार को आयोजित किया जा रहा है। यह मालवा प्रांत का पहला अधिवेशन होगा, जिसमें प्रांत के दस जिलों से मातृसंस्कार समागम में करीब 1000 मातृशक्ति शामिल होंगी।

मातृ संस्कार समागम में आएंगी 10 जिलों की 1000 मातृशक्ति

करीब 1000 मातृशक्ति दो दिवसीय आवासीय अधिवेशन में भाग लेंगी। अधिवेशन के समापन से पहले महाकाल महालोक से झालरिया मठ तक प्रतिभागी मातृशक्ति द्वारा एक शोभायात्रा निकाली जाएगी।

विश्वमांगल्य सभा की मध्य क्षेत्र की क्षेत्र प्रचारक पूजा पाठक और मप्र की अध्यक्ष सूरज डामोर तथा प्रचार प्रमुख डॉ. संचिका खंडेलवाल ने बताया कि शनिवार प्रातः 10 बजे शुभारंभ होगा। शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अभा कार्यकारिणी सदस्य भैयाजी जोशी, विकास फाउंडेशन ट्रस्ट, महाराष्ट्र की चेयरपर्सन डॉ. मृदुला धर्मेंद्र प्रधान, विश्वमांगल्य स्वनाथ परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पायल कनोड़िया, राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. वृषाली जोशी, राष्ट्रीय अध्यक्ष रेखा खंडेलवाल एवं के.डी. वाई. परामर्शदाता प्रशांत हरतालकर होंगे।

शनिवार से रविवार दोपहर 2 बजे तक चलने वाले अधिवेशन में विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित होंगे। समापन सत्र के मुख्य अतिथि स्वामी जितेंद्रनाथ महाराज होंगे। विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा विचार साझा किए जाएंगे। इंदौर विश्वमांगल्य सभा की अध्यक्ष अर्चना बितले समागम के शुभारंभ सत्र का संचालन करेंगी।

अधिवेशन के सत्रों की विशेषता यह होगी कि रविवार को माघी पूर्णिमा पर्व पर महाकाल मंदिर में शिवजी के पंच स्वोत का पठन मातृशक्ति द्वारा किया जाएगा। विद्वान वक्ताओं द्वारा मार्गदर्शन, महिला शक्ति द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, महिलाओं की शोभायात्रा, और समग्र भारतीय जीवनचर्या पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन होगा।

देश के 30 प्रांतों में चल रहा कार्य

पूजा पाठक ने बताया कि विश्वमांगल्य सभा की स्थापना 10 जनवरी 2010 को नागपुर में हुई थी। पिछले 16 वर्षों से यह कार्य पूरे भारत के 30 प्रांतों में चल रहा है। सभा का उद्देश्य हर घर में मातृशक्ति (मां) को सक्षम बनाना और घर में एक तेजस्वी माता का निर्माण करना है।

इसके तहत सप्त मातृकाओं का सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा। ये मातृशक्तियां ज्ञान, मातृत्व, शौर्य और कला क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे चुकी हैं। सभा द्वारा छात्र सभा, बाल सभा, जनजाति कल्याण, चिकित्सा सेवा सहित अनेक कार्य किए जा रहे हैं। इस समय पूरे देश में मातृसंस्कार समागम का आयोजन हो रहा है। इसी कड़ी में मालवा प्रांत में पहला अधिवेशन आयोजित किया जा रहा है।मालवा प्रांत में सभा के अब तक के कार्यों पर आधारित स्मारिका 'मातृप्रेरणा के स्वर' का विमोचन भी किया जाएगा।

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