रतलाम: सांदीपनि स्कूल में मिड डे मिल से 14 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, मिर्ची को वजह माना गया

रतलाम: सांदीपनि स्कूल में मिड डे मिल से 14 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, मिर्ची को वजह माना गया
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रतलाम के रावटी स्थित सांदीपनि स्कूल (सीएम राइज) में मिड डे मिल (मध्यान्ह भोजन) खाने के बाद 14 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई। दाल-खिचड़ी खाने के तुरंत बाद बच्चों को सिर और पेट में दर्द हुआ। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को रावटी के मेडिकल क्लिनिक ले जाकर उनका इलाज कराया और दवा दी।

घटना की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन के अधिकारी रात में स्कूल पहुंचे और जांच की। शुरुआती जांच में खिचड़ी में मिर्च अधिक होने की बात सामने आई। फिलहाल सभी बच्चे स्वस्थ हैं.

एक-एक कर 14 बच्चों बिगड़ी तबीयत

स्कूल में मिड डे मिल में दाल-खिचड़ी दी गई थी। खाने के बाद सबसे पहले छात्रा दुर्गा ने सिर और पेट दर्द की शिकायत की। इसके बाद एक-एक कर 14 बच्चों ने यही समस्या बताई। स्कूल स्टाफ उन्हें तुरंत रावटी के मेडिकल क्लिनिक ले गया, जहां डॉ. बीएल मांगरिया ने जांच कर एंटी-एसिडिटी की दवा दी। आराम मिलने पर शाम 4.30 बजे बच्चों को घर भेज दिया गया।

स्कूल के मिडिल सेक्शन में कुल 94 बच्चों ने खाना खाया था, जिनमें से कक्षा 6 की 10 और कक्षा 7 की 4 विद्यार्थी (जिनमें 2 छात्राएं) बीमार हुए।

अधिकारियों ने रात में की जांच, खिचड़ी चखी

शुरुआत में स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाए रखा। देर शाम कलेक्टर मिशा सिंह और जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ निर्देश शर्मा रात 7.30 बजे रावटी पहुंचे। उन्होंने स्कूल प्रिंसिपल और स्टाफ से जानकारी ली और बनी हुई खिचड़ी का स्वाद चखकर देखा। रात 10 बजे वे वापस रतलाम लौट गए। अधिकारियों ने खिचड़ी का सैंपल भी लिया। अतिरिक्त सीईओ ने मोबाइल पर बच्चों और उनके परिजनों से बात कर हाल जाना।

'मिर्ची ज्यादा थी, इसलिए हुई परेशानी'

जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ ने बताया, “मीनू में दाल-चावल का प्रावधान है। बच्चों की मांग पर मकर संक्रांति को देखते हुए दाल-चावल को मिलाकर खिचड़ी बनाई गई। खिचड़ी के सैंपल को 24 घंटे के लिए सुरक्षित रखा गया। मेरे द्वारा स्कूल पहुंचकर खिचड़ी का टेस्ट किया गया। इसमें मिर्च की मात्रा ज्यादा थी। संभवतः इसी कारण 14 बच्चों ने पेट और सिर दर्द की शिकायत की। बाकी किसी को कोई परेशानी नहीं हुई।”

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