एमपी में कोहरा और कड़ाके की ठंड का कहर, स्कूल बंद और ट्रेनें प्रभावित

एमपी में कोहरा और कड़ाके की ठंड का कहर, स्कूल बंद और ट्रेनें प्रभावित
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मध्यप्रदेश में इस जनवरी के शुरुआत में ही मौसम ने सख्ती दिखाई है। बुधवार सुबह से राज्य के कई जिलों में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड का असर देखा जा रहा है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। खासकर उमरिया में सुबह का तापमान 3.9 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 4.5 डिग्री, शिवपुरी में 5 डिग्री और रीवा में 5.8 डिग्री तक गिर गया।

घना कोहरा और विजिबिलिटी प्रभावित

सतना, दतिया, गुना, रीवा, ग्वालियर, राजगढ़, खजुराहो, नौगांव और सीधी जैसे जिलों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम रही। वाहन चालकों को धीमी रफ्तार से चलने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसी वजह से दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनों की रफ्तार बाधित हुई और लगभग एक दर्जन ट्रेनें देर से अपने गंतव्य तक पहुंची। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से धैर्य रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।

स्कूलों में अवकाश और बच्चों की सुरक्षा

तेज ठंड और कोहरे को देखते हुए राज्य के कई जिलों में स्कूलों में अवकाश की घोषणा की गई है। इंदौर, रायसेन, ग्वालियर, मऊगंज और नर्मदापुरम में बुधवार को भी स्कूल बंद रहेंगे। वहीं, भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद ही खुलेंगे, ताकि बच्चे और शिक्षक सुरक्षित रूप से विद्यालय पहुँच सकें। कलेक्टर और जिला प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी के दौरान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

कोल्ड वेव अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। पिछले कुछ दिनों से पूरे प्रदेश में शीतलहर और कड़ाके की ठंड का प्रभाव देखा जा रहा है। छिंदवाड़ा, मुरैना, दमोह और सीहोर में फसलों और पौधों पर जम रही ओस ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड और कोहरे के कारण कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं, विशेषकर नमी-संवेदनशील फसलों में।

अगले 2-3 दिनों में मौसम रहेगा सर्द और कोहरे वाला

मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, अगले 2-3 दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा और ठंड लगातार बनी रहेगी। रीवा संभाग और मालवा क्षेत्र में न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी रहेगी। वहीं, दिन के तापमान में मामूली वृद्धि के बावजूद सुबह और रात का मौसम बेहद ठंडा रहेगा।

सर्द हवाओं और कोहरे से प्रभावित रोजमर्रा की जिंदगी

सर्द हवाओं और घने कोहरे के चलते लोगों को घरों से बाहर निकलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह की सैर, दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। बाजार और सार्वजनिक जगहों पर लोग गर्म पेय और अलाव के पास जमा नजर आ रहे हैं। वहीं, कुछ जिलों में स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्ग और बच्चों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

ट्रेन और सड़क यातायात प्रभावित

कोहरे की वजह से रेलवे और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से गाइडलाइन का पालन करने और समय से पहले स्टेशन पहुँचने की सलाह दी है। दिल्ली और भोपाल के बीच आने-जाने वाली कई ट्रेनों की यात्रा में देरी हुई। सड़क मार्गों पर भी विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से चलने की चेतावनी दी गई है।

जनवरी की ठंड क्यों खास है?

मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर और जनवरी के महीनों में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) प्रदेश में तापमान में बड़ी गिरावट लाती हैं। यही कारण है कि मध्यप्रदेश के अधिकतर जिलों में जनवरी का महीना सबसे ठंडा माना जाता है। इस बार भी जनवरी की शुरुआत में ही कड़ाके की ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

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