MP में घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित, भोपाल–इंदौर आने वाली कई ट्रेनें लेट

मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के होने से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बीती रात से लेकर मंगलवार सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, ओले और कोहरे का असर देखने को मिला। ग्वालियर और मंदसौर जिलों में ओले गिरने से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। जबकि भिंड सहित आठ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
भोपाल, भिंड, छतरपुर, राजगढ़, आगर-मालवा और गुना में बारिश का दौर रहा। वहीं उज्जैन, मुरैना समेत कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई।
20 जिलों में मावठे का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर, रीवा सहित प्रदेश के करीब 20 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। इससे पहले सुबह रायसेन में ओस की बूंदें जम गईं। वहीं, ग्वालियर के ग्रामीण इलाकों में ओले गिरने की वजह से खेतों में बर्फ की परत जम गई।
50 मीटर तक सिमटी दृश्यता
भोपाल और सीहोर में सुबह के समय विजिबिलिटी मात्र 50 मीटर तक दर्ज की गई। दतिया, रायसेन, उज्जैन, मुरैना, देवास, धार, इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, गुना, नर्मदापुरम, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर और शिवपुरी सहित कई जिले कोहरे की चपेट में रहे। मंडला, नौगांव, टीकमगढ़ और मलाजखंड में भी मध्यम से घना कोहरा देखा गया। वहीं, कोहरे के चलते दिल्ली से भोपाल और इंदौर आने वाली कई ट्रेनें अपने तय समय से देरी से पहुंचीं।
फिलहाल रात के तापमान में गिरावट नहीं
हालांकि मौसम में बदलाव के बावजूद रात के तापमान में अभी खास गिरावट नहीं आई है। प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश का सिस्टम हटने के बाद ठंड का एक और दौर आ सकता है।
अगले तीन दिन का मौसम पूर्वानुमान
4 फरवरी:
शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मध्यम कोहरा रहने की संभावना।
5 फरवरी:
राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरे का असर।
6 फरवरी:
गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में घना कोहरा छाए रहने के आसार।
मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में हो रही भारी बर्फबारी और बारिश का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ रहा है। जैसे ही यह सिस्टम आगे बढ़ेगा, प्रदेश में दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
