मानवाधिकार हनन के मामलों में सख्ती, 7 जिलाधीशों को राज्य मानवाधिकार आयोग का नोटिस

मानवाधिकार हनन के मामलों में सख्ती, 7 जिलाधीशों को राज्य मानवाधिकार आयोग का नोटिस
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आयोग ने संज्ञान लेते हुए 7 जिलों के कलेक्टरों और अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

मध्यप्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने मानवाधिकार हनन से जुड़े मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए सात जिलों के जिलाधीशों को नोटिस जारी किए हैं। आयोग ने कुल 15 मामलों में संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जांच रिपोर्ट और जवाब तलब किया है। इन मामलों में दूषित पानी की शिकायत, फांसी लगाकर आत्महत्या, लापरवाही से मौत, महिला एवं बच्चों से जुड़े प्रकरण, स्कूल और हॉस्टल की बदहाल व्यवस्थाएं, खुले पानी के टैंकों में गिरने से मौत तथा स्वास्थ्य और नगर निगम से संबंधित शिकायतें शामिल हैं।

भोपाल में दूषित पानी की शिकायत पर नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। राजधानी के ही एक इलाके में 16 आंगनवाड़ी केंद्रों में नल कनेक्शन नहीं होने के मामले में भी आयोग ने संज्ञान लिया है। वहीं, एक पार्क में कचरा जमा होने से उत्पन्न समस्या पर भी निगम से रिपोर्ट मांगी गई है।

राजधानी में आत्महत्या से जुड़े मामलों में पुलिस आयुक्त और कलेक्टर से जवाब मांगा गया है। इसके अलावा, टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जंगली जानवर के हमले से ग्रामीण की मौत, खुले पानी के टैंक में गिरने से मासूम बच्चों की मौत और बुजुर्ग की मृत्यु के मामलों पर भी आयोग ने संज्ञान लिया है।

अन्य जिलों में भी मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों को लेकर कलेक्टरों को नोटिस जारी किए गए हैं। आयोग ने पीड़ित परिवारों को अधिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं और संबंधित अधिकारियों से निर्धारित समय-सीमा में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

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