मप्र ने सिंहस्थ के लिए केंद्र से मांगा 20 हजार करोड़ का विशेष पैकेज

मप्र ने सिंहस्थ के लिए केंद्र से मांगा 20 हजार करोड़ का विशेष पैकेज
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वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने दिल्ली में वित्त मंत्रियों की बैठक में लिया हिस्सा

मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ 2028 के आयोजन के लिए केंद्र सरकार से 20 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है। इस राशि से सिंहस्थ क्षेत्र में क्षिप्रा के घाटों, नालियों और अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। राज्य सरकार ने वर्तमान में सिंहस्थ के लिए 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अधोसंरचनात्मक विकास कार्य मंजूर कर लिए हैं।

वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों की प्री-बजट बैठक में हिस्सा लिया।

वित्तमंत्री ने रखी मांगें और विचार

उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ केंद्र की योजनाओं के लिए भी बजट में पर्याप्त प्रावधान रखा गया है।

देवड़ा ने कहा कि मप्र की बजटीय विश्वसनीयता और व्यय की गुणवत्ता को नीति आयोग और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा सराहा गया है। प्रदेश लगातार राजस्व में वृद्धि में रहा है और सभी निर्धारित वित्तीय सूचकांक पालन में सफल रहा है।

मप्र की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की औसत वार्षिक वृद्धि दर 10 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। 15वें वित्त आयोग की गणना के अनुसार प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 16,94,477 करोड़ रुपये है। हालांकि, भारत सरकार द्वारा ऋण प्राप्त करने की सीमा के निर्धारण में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 15,44,141 करोड़ रुपये माना जा रहा है।

देवड़ा ने केंद्र से अनुरोध किया कि कर्ज सीमा की गणना 16,94,477 करोड़ रुपये के आधार पर की जाए। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की गणना प्रक्रिया के अनुसार ही प्रदेश की GDP को आधार मानना चाहिए।

अर्थव्यवस्था और बजट पर जोर

देवड़ा ने कहा कि मध्य प्रदेश अपनी संपूर्ण क्षमता से अर्थव्यवस्था और विकास योजनाओं में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में GDP की गणना, एसएनए स्पर्श और वस्तु एवं सेवा कर (GST) पर केंद्रीय वित्त मंत्री का ध्यान आकर्षित किया।

वित्त मंत्री ने बताया कि GST दरों के युक्तिसंगत समायोजन से मप्र की जनता संतुष्ट है। वस्तुओं जैसे पनीर, ब्रेड, बटर, चीज, साबुन, शैम्पू, टीवी, एसी, छोटी कारें, बाइक्स, ट्रैक्टर और सिंचाई उपकरण की कीमतों में कमी होने से किसान, वेतनभोगी, मध्यम वर्ग और महिलाएं खुश हैं।

पूंजीगत व्यय में वृद्धि की मांग

देवड़ा ने कहा कि विशेष पूंजीगत सहायता योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के साथ मप्र को अतिरिक्त सहायता राशि भी प्राप्त हुई है। प्रदेश में पूंजीगत कार्यों को और अधिक गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में बजट प्रावधान में वृद्धि की मांग की गई है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल पूंजीगत व्यय 67,441 करोड़ रुपये था, जो वित्तीय वर्ष 2023-24 के 56,539 करोड़ रुपये की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 82,513 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 के 67,441 करोड़ रुपये से 22 प्रतिशत अधिक है।


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