भारतवर्ष सदा से विश्व का मार्गदर्शन करता आया हैः विस्पुते

जबलपुर। कटंगी नगर में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह-बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते ने कहा कि पराक्रमी भारतवर्ष सदा से ही विश्व को मार्गदर्शन देने वाला राष्ट्र रहा है। भारत की सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान परंपरा ने विश्व को दिशा दी है, किंतु कुछ ऐतिहासिक परिस्थितियों के कारण समाज में विषमता और विघटन की स्थिति उत्पन्न हुई। श्री विस्पुते ने भारत के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए मध्यकाल में आई विसंगतियों, चुनौतियों और संघर्षों की गहन समीक्षा की। उन्होंने गुरु तेग बहादुर के महान बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि हिन्दू समाज के विखंडन के कारण ऐसे कठिन कालखंडों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आने वाला समय भारतवर्ष के पुनः विश्वगुरु बनने का है। इसके लिए समाज को संगठित, जागरूक और संकल्पित होने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि आज से ही सामूहिक संकल्प और प्रयास किए जाएं तो वर्ष 2047 तक समृद्ध भारत, सशक्त भारत, एक भारत, विश्वगुरु भारत और निर्दोष भारत का निर्माण निश्चित रूप से किया जा सकता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के लोगों ने सहभागिता की। यह सम्मेलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
