इंदौर में दूषित पानी से 30 वीं मौत: हाईकोर्ट सख्त, बनाया स्वतंत्र जांच आयोग

इंदौर में दूषित पानी से 30 वीं मौत: हाईकोर्ट सख्त, बनाया स्वतंत्र जांच आयोग
X

चार सप्ताह में मांगी अंतरिम रिपोर्ट, अगली सुनवाई 5 मार्च को

उच्च न्यायालय की इंदौर बेंच में ढाई घंटे से अधिक चली सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए स्वतंत्र जांच के आदेश दिए। कोर्ट ने सेवानिवृत्त जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया है।

सुनवाई की शुरुआत में मुख्य सचिव अनुराग जैन करीब 10 मिनट तक वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे। सरकारी रिपोर्ट में कुल 23 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 16 को दूषित पानी से जोड़ा गया है। चार मौतों को लेकर असमंजस की स्थिति बताई गई, जबकि तीन मौतें दूषित पानी से संबंधित नहीं मानी गईं। हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने मृतकों की संख्या लगभग 30 बताई, जिस पर सरकारी आंकड़ों पर गंभीर सवाल उठे।

न्यायालय ने राज्य सरकार और नगर निगम द्वारा पेश रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर सुरक्षित पानी की आपूर्ति, इलाज और जांच से जुड़े निर्देशों का पूरा पालन नहीं हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित आयोग जल प्रदूषण के कारणों, वास्तविक मौतों की संख्या, बीमारियों की प्रकृति, चिकित्सा व्यवस्था की पर्याप्तता, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही और पीड़ितों को मुआवजे से जुड़े तथ्यों पर विस्तृत रिपोर्ट देगा। न्यायालय ने दैनिक जल गुणवत्ता जांच और नियमित स्वास्थ्य शिविर जारी रखने के निर्देश भी दिए हैं तथा चार सप्ताह में अंतरिम रिपोर्ट मांगी है। अगली सुनवाई 5 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।

दूषित पानी के प्रकोप से 30वीं मौत, महिला ने तोड़ा दम

देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा पाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार सुबह लक्ष्मी रजक नामक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही दूषित पानी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। इससे पहले मंगलवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित 75 वर्षीय खूबचंद (पिता गन्नुदास) की भी उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

बुधवार को उनके स्वजन और स्थानीय लोगों ने आक्रोश जताते हुए सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। समझाइश के बाद लोग अंत्येष्टि के लिए माने और शव को श्मशान घाट ले जाया गया। लगातार हो रही मौतों से क्षेत्र के लोग भयभीत हैं। परिजनों का कहना है कि पीड़ित करीब 15 दिनों से उल्टी-दस्त से परेशान थे। भागीरथपुरा में दूषित पानी की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है और अब तक 30 लोगों की जान जा चुकी है।

Next Story