इंदौर में दूषित पानी से 17वीं मौत: भागीरथपुरा में हालात गंभीर, मंगलवार को हाईकोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी से फैली बीमारी ने एक और जान ले ली है। भागीरथपुरा क्षेत्र में रविवार को 69 वर्षीय रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा की मौत के बाद इस मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। इससे पहले शनिवार तक 16 मौतों की पुष्टि हो चुकी थी। लगातार सामने आ रहे मामलों ने इसे एक गंभीर पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी बना दिया है, जिस पर प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और न्यायपालिका की नजर बनी हुई है।
ओमप्रकाश शर्मा मूल रूप से धार जिले के शिव विहार कॉलोनी के निवासी थे और अपने बेटे से मिलने इंदौर आए थे। 1 जनवरी को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में उनकी किडनी फेल होने की पुष्टि हुई। हालत बिगड़ने पर 2 जनवरी को आईसीयू और बाद में वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन रविवार दोपहर करीब एक बजे उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, उन्हें पहले केवल ब्लड प्रेशर की समस्या थी, लेकिन दूषित पानी पीने से स्थिति गंभीर हो गई।
अस्पतालों पर बढ़ता दबाव
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक कुल 398 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 256 को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। फिलहाल विभिन्न अस्पतालों में 142 मरीजों का इलाज जारी है। बॉम्बे हॉस्पिटल में रविवार रात तक 11 मरीज आईसीयू में भर्ती थे, जिनमें से चार की हालत में सुधार के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया है, जबकि सात मरीज अब भी आईसीयू में हैं। यह स्थिति आज की ताज़ा ख़बरें और भारत समाचार अपडेट में प्रमुखता से शामिल है।
घर-घर सर्वे, नए मरीज सामने आए
प्रभावित भागीरथपुरा क्षेत्र में 4 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 2,354 घरों का सर्वे किया। इस दौरान 9,416 लोगों की जांच की गई, जिसमें 20 नए मरीज मिले। साथ ही 429 पुराने मरीजों का फॉलोअप किया गया। सीएमएचओ डॉ. माधव हसनी ने बताया कि क्षेत्र में पांच एम्बुलेंस तैनात की गई हैं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
राहत और जागरूकता अभियान
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के हर घर में 10 ओआरएस पैकेट और 30 जिंक टैबलेट वितरित की हैं। पानी को सुरक्षित बनाने के लिए क्लीन वाटर किट भी दी जा रही है। जन अभियान परिषद, आशा, आंगनवाड़ी, एएनएम, सुपरवाइजर और एनजीओ से जुड़ी 17 टीमें लगातार लोगों को जागरूक कर रही हैं। यह कदम सरकारी अपडेट के तहत उठाए गए हैं।
हाईकोर्ट और वैज्ञानिक जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन मंगलवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगा। वहीं, कोलकाता से आए वैज्ञानिक डॉ. प्रमित घोष और डॉ. गौतम चौधरी भागीरथपुरा क्षेत्र से पानी के रैंडम सैंपल लेकर वैज्ञानिक जांच करेंगे। पाइपलाइन की मरम्मत और लीकेज की जांच का काम भी तेज़ी से जारी है। फिलहाल पीने के पानी की आपूर्ति टैंकरों और बोतलबंद पानी के माध्यम से की जा रही है।
