गांधीसागर में फिर बेनकाब ड्रग फैक्ट्री, 13 करोड़ की MD ड्रग्स और केमिकल जब्त

मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में ड्रग्स नेटवर्क एक बार फिर सामने आ गया है। शनिवार देर रात गांधी सागर के बैकवॉटर एरिया में पुलिस ने ऐसी फैक्ट्री पकड़ी, जहां खुलेआम MD ड्रग्स तैयार की जा रही थी। खेतों के बीच बने एक मकान में चल रही इस फैक्ट्री से करोड़ों की ड्रग्स और केमिकल बरामद हुए हैं। खास बात ये है कि पिछले एक साल में इस इलाके में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
खेत के बीच चल रही थी MD ड्रग्स की फैक्ट्री
मामला गरोठ थाना क्षेत्र के सूरजना गांव का है। थाना मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर, जंगल और खेतों से घिरे इलाके में शनिवार रात पुलिस ने दबिश दी। यहां से पुलिस को 12.50 किलो क्रूड MD ड्रग्स, बड़ी मात्रा में केमिकल, गैस भट्टी, स्टील पाइप केमिकल मिक्स करने की मशीनें और उपकरण बरामद हुए हैं। जब्त माल की कीमत करीब 13 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है।
8 थानों की पुलिस, रातभर चला सर्च ऑपरेशन
पुलिस ने शनिवार शाम करीब 7 बजे ऑपरेशन शुरू किया। मौके पर जिले के 8 से ज्यादा थानों का पुलिस बल तैनात रहा। जंगल में रातभर सर्चिंग चलती रही। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान मीडियाकर्मियों को भी करीब दो किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया था, ताकि ऑपरेशन गोपनीय रहे।
दो आरोपी गिरफ्तार, एक अब भी फरार
पुलिस जांच में सामने आया कि यह फैक्ट्री दीपक लोहार सिकलीगर (32) के खेत में चल रही थी। उसे मौके से हिरासत में लिया गया है। वहीं, सुमित लोहार (19) को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी सूरजना गांव के ही रहने वाले हैं तीसरा आरोपी विक्रम सिकलीगर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। मंदसौर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता पुरी ने बताया कि यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और ड्रग्स की डिलीवरी से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है।
पहले भी पकड़ी जा चुकी है बड़ी फैक्ट्री
गरोठ थाना क्षेत्र इससे पहले भी सुर्खियों में रह चुका है। जनवरी 2025 में खारखेड़ा गांव में नारकोटिक्स टीम ने संतरे के बगीचे के बीच चल रही MD ड्रग्स फैक्ट्री पर छापा मारा था। उस कार्रवाई में एसीटोन, टॉल्यून, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, सोडियम सल्फेट, कार्बोनेट ब्रोमिन वाटर और एथेनॉल जैसे केमिकल जब्त किए गए थे। इनसे करीब 50 किलो MD ड्रग्स बनाई जा सकती थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 50 करोड़ रुपए आंकी गई थी।
