स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने पर घिरी 'शहर सरकार'

मंत्री सारंग ने कहा- कड़ी कार्रवाई करेंगे, किसी को बख्शा नहीं जाएगा
राजधानी भोपाल के आधुनिक स्लॉटर हाउस में मांस की जांच में गौमांस की पुष्टि होने के बाद नगर सरकार चारों तरफ से घिर गई है। विपक्ष लगातार महापौर और एमआईसी (मेयर इन कौंसिल) का इस्तीफा मांग रहा है।
इस मामले में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि गौमांस या गोकशी के मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। व्यापारी हों या अधिकारी, कोई भी बख्शा नहीं जाएगा। सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने भी इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं। दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी जो नजीर पेश करेगी। किसी की हिम्मत नहीं होगी। यदि गोमाता की कटाई हुई है तो दोषियों के खिलाफ हत्या का केस होना चाहिए और उन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए।
वहीं, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि अभी अधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी चाहे छोटा हो या बड़ा, उसे नहीं बख्शा जाएगा। असलम का चमड़ा हो या कहीं का भी चमड़ा, उसकी जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन की भूमिका पर सवाल
जिंसी स्थित भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गायों का वध और गौमांस मुंबई भेजे जाने के मामले में नगर निगम प्रशासन की सीधी भूमिका सामने आई है। नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई थी।
17 दिसंबर 2025 को जारी इस पत्र में नगर निगम के पशु चिकित्सक डॉ. बेनीप्रसाद गौर ने प्रमाणित किया कि दो सप्ताह में 85 भैंसों का वध किया गया।
नेता प्रतिपक्ष शब्सिता जकी ने कहा कि मेयर इन कौंसिल की जानकारी, चर्चा और स्वीकृति के बिना महत्वपूर्ण और जनहित से जुड़े विषय गोपनीय तरीके से संकल्पित किए जा रहे हैं। स्लॉटर हाउस से संबंधित संकल्प को महापौर परिषद ने बाहर ही पारित कर दिया, जबकि नगर निगम परिषद के निर्वाचित पार्षदों को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। न ही विषय को परिषद की बैठक में रखा गया। यह कृत्य नगर निगम अधिनियम और परिषद की लोकतांत्रिक मर्यादाओं का घोर उल्लंघन है।
भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक आज
भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक मंगलवार, 13 जनवरी को सुबह 11:30 बजे आईएसबीटी स्थित परिषद के सभागार में होगी। बैठक में विपक्ष स्लॉटर हाउस में गौवध और गंदे पानी की सप्लाई को लेकर सत्तापक्ष को घेरने की तैयारी में है, जबकि सत्तापक्ष का फोकस एजेंडे में घोषित तीन प्रमुख प्रस्तावों को पास कराने पर रहेगा।
निगम परिषद का एजेंडा घोषित हो जाने के बाद विपक्ष को निगम के स्लॉटर हाउस में गौवंश काटे जाने का बड़ा मुद्दा मिल गया है। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद भोपाल शहर में गंदे और दूषित पानी की सप्लाई को लेकर विपक्ष पहले से ही हंगामे की तैयारी कर चुका है। इसके मद्देनजर आईएसबीटी परिसर में होने वाली निगम परिषद की यह अंतिम बैठक हंगामेदार रहने की संभावना है।
आईएसबीटी परिसर में ये आखिरी बैठक
राजधानी के तुलसीनगर क्षेत्र में नगर निगम का नया बहुमंजिला भवन बनकर तैयार हो चुका है। जल्द ही नगर निगम आयुक्त और महापौर कार्यालय सहित निगम के सभी कार्यालय और निगम परिषद भी इस भवन में स्थानांतरित होंगे। कार्यालयों के स्थानांतरण से पहले आईएसबीटी परिसर में निगम परिषद की यह अंतिम बैठक होगी।
