रैन बसेरों में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, हाथ से परोसी चाय और बांटे कंबल

सर्दी की कड़ाके में जब ठिठुरती रातें गरीबों के लिए दिक्कतें बढ़ा देती हैं, तब किसी का हाथ थाम लेना बहुत बड़ा सहारा बन जाता है। रविवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रैन बसेरों का दौरा कर ऐसा ही एक एहसास दिया।
सीएम ने हाथ से पिलाई चाय
मुख्यमंत्री ने खुद हाथ से चाय परोसकर उन्हें गर्माहट दी और कंबल बांटे, जिससे वहां मौजूद लोगों के चेहरों पर खुशी के साथ राहत की झलक नजर आई। इससे पहले उन्होंने पुलिस मुख्यालय के सामने लाल परेड मैदान के शौर्य द्वार के पास महिलाओं, बुजुर्गों और काली मंदिर तलैया में भी जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए. भीड़ में बैठे बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूरों को चाय परोसते हुए डॉ. यादव की सहजता साफ नजर आ रही थी. किसी सरकारी रस्म-रिवाज से ऊपर उठकर वह मानो इस कड़ाके की ठंड में एक इंसानी जुड़ाव का एहसास दे रहे थे।
रैन बसेरों की कहानी
रैन बसेरे जहां कड़ाके की सर्दी में ठहरने वालों के लिए आखिरी आश्रय हैं, वहीं उनकी हालत भी अक्सर दयनीय रहती है। कुछ जगहों पर कंबल, साफ-सफाई और भोजन की कमी बड़ी चुनौती बन जाती है.मुख्यमंत्री के कदम से यह उम्मीद जगी है कि प्रशासन इन समस्याओं पर सजग होगा और जरूरतमंदों के लिए बेहतर इंतजाम करेगा। इसके साथ ही दानदाताओं और समाज के हर वर्ग को भी संवेदनशील होकर आगे आना होगा।
