ब्रह्मांड के रहस्यों पर मंथन: राजधानी में जुटेंगे ब्रह्मांड विद्या के 150 विशेषज्ञ, देंगे व्याख्यान

ब्रह्मांड के रहस्यों पर मंथन: राजधानी में जुटेंगे ब्रह्मांड विद्या के 150 विशेषज्ञ, देंगे व्याख्यान
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आईआईएसईआर भोपाल कर रहा है 20वां एशियन विंटर स्कूल कार्यक्रम

ब्रह्मांड विद्या (कॉस्मोलॉजी) के विशेषज्ञ राजधानी में 20 जनवरी तक जुटेंगे। ये सभी आईआईएसईआर (भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान) भोपाल द्वारा आयोजित 20वें एशियन विंटर स्कूल कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में स्ट्रिंग, पार्टिकल्स और कॉस्मोलॉजी विषयों पर चर्चा होगी।

इस कड़ी में एकीकृत सिद्धांत की खोज पर 19 जनवरी को आईसीटीएस बैंगलोर के प्रो. अशोक सेन व्याख्यान देंगे। यह कार्यक्रम आंचलिक विज्ञान केंद्र, भोपाल में आयोजित होगा। विद्यालयीन छात्रों को आधुनिक भौतिकी के मूलभूत विचारों और एकीकरण की खोज के बारे में आसान और प्रेरणादायक तरीके से परिचित कराने के दृष्टिगत इस कार्यक्रम को अहम माना जा रहा है।

इस स्कूल कार्यक्रम में एडवांस्ड मिनी-कोर्स, इनवाइटेड सेमिनार और पोस्टर सेशन होंगे, जिसमें भारत के अलावा एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका के 150 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। इस दौरान प्रो. शिराज मिनवाला आईआईएसईआर भोपाल में पूर्वस्नातक एवं परास्नातक छात्रों को व्याख्यान देंगे, जिसमें वे सैद्धांतिक भौतिकी के नए क्षेत्रों और अनुसंधान की नई दिशा के बारे में जानकारी साझा करेंगे।

बता दें कि एशियन विंटर स्कूल कार्यक्रम भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया द्वारा थियोरेटिकल हाई-एनर्जी फिजिक्स के क्षेत्र में आयोजित होने वाला एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है।

यह विद्वान होंगे शामिल

साइमन कैरन-हुओट (मैकगिल यूनिवर्सिटी), यिमिंग चेन (स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी), शोटा कोमात्सु (सीईआरएन और इंपीरियल कॉलेज लंदन), शिराज मिनवाला (टीआईएफआर मुंबई), एनरिको पाजर (यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैम्ब्रिज), श्रुति परांजपे (ब्राउन यूनिवर्सिटी), जूलियो पारा-मार्टिनेज (आईएचईएस), रेनाटो रेनर (ईटीएच ज्यूरिख), अमोल दिघे (टीआईएफआर मुंबई), अनिंदा सिन्हा (आईएससी बैंगलोर) और क्रिस्टियन गार्सिया-क्विंटेरो (हार्वर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स) जैसे प्रसिद्ध वैज्ञानिक और शिक्षाविद् प्रमुख रूप से शामिल हैं।

यह होगा फायदा

इस कार्यक्रम में ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्यों और अब तक हुए अध्ययनों के खुलासों पर चर्चा होगी। विद्यार्थियों, संकाय-सदस्यों, अनुसंधानकर्ताओं और शिक्षाविदों को स्ट्रिंग्स, पार्टिकल्स और कॉस्मोलॉजी के क्षेत्र में ज्ञानवर्धन का अवसर प्राप्त होगा।

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