Top
Home > खेल > क्रिकेट > यह सब मेरे ही साथ क्यों हो रहा है...सोलो एनक्वेनी

यह सब मेरे ही साथ क्यों हो रहा है...सोलो एनक्वेनी

युवा क्रिकेटर का लिवर-किडनी फेल, अब कोरोना

यह सब मेरे ही साथ क्यों हो रहा है...सोलो एनक्वेनी

दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के प्रथम श्रेणी क्रिकेटर सोलो एनक्वेन पिछले एक वर्ष से गुलियन बेरे सिंड्रोम (प्रतिरोधक क्षमता और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारी) से जूझ रहे हैं। ऑलराउंडर का लिवर और किडनी खराब हो चुका है और अब वह कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। बता दें कि जीबीएस बीमारी मांसपेशियों में कमजोरी पैदा करती है।

26 वर्षीय क्रिकेटर ने यह जानकारी खुद ट्विटर पर दी है। उन्होंने लिखा- पिछले वर्ष मुझे जीबीएस हो गया था। मैं इस बीमारी से 10 महीने से लड़ रहा हूं। अब जब मैं लगभग आधा ठीक हुआ ही था कि टीबी हो गया। मेरा लिवर और किडनी खराब हो गए और अब मैं कोरोना वायरस पॉजीटिव पाया गया हूं। मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि ये सब मेरे साथ ही क्यों हो रहा है।

जीबीएस की वजह से यह क्रिकेटर स्कॉटलैंड दौरे पर कोमा में चला गया था। 4 सप्ताह बाद होश में आया। उल्लेखनीय है कि इस बीमारी से ग्रसित होने वाले एनक्वेनी तीसरे क्रिकेटर हैं। इससे पहले पाकिस्तान के जफर सरफराज और स्कॉटलैंड के माजिद हक को यह बीमारी हुई थी।

इस मुश्किल वक्त में उनके साथ दक्षिण अफ्रीका की पुरुष टीम आई। उसने उनके इलाज के लिए 3300 अमेरिकी डॉलर दिए हैं। इसके अलावा उनके फंड के लिए कैंपेन भी चलाया गया, जहां से उन्हें काफी मदद मिल रही है।

क्रिकेट करियर की बात करें तो इस क्रिकेटर ने प्रथम श्रेणी करियर में 36 मैच खेले हुए 60 विकेट लिए हैं और 5 अर्धशतकों की मदद से 735 रन बनाए हैं। वह उन्होंने दक्षिण अफ्रीका अंडर-19 टीम का भी हिस्सा रहे हैं, जो 2012 अंडर-19 विश्वकप में खेली थी। टी-20 की बात करें तो उन्होंने 34 मैचों में 31 विकेट झटके हैं, जबकि 137 रन बनाए हैं।

Updated : 8 May 2020 6:39 AM GMT
Tags:    

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Next Story
Share it
Top