नीति, निवेश और प्रतिभाः महिला क्रिकेट का नया विकास मॉडल

महिला क्रिकेट स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर चुकी है। महिला प्रीमियर लीग ने अल्प समय में ही दर्शक संख्या, व्यावसायिक भरोसे और खेल की गुणवत्ता तीनों स्तरों पर अपनी सशक्त पहचान बना ली है। प्रसारण सार पर इस सत्र में पंद्रह प्रायोजकों की भागीदारी दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। इससे स्पष्ट है कि महिला क्रिकेट अब केवल खेल नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली जन मनोरंजन मंच बन चुका है।
दर्शक आंकड़े भी बदलते रुझान की गवाही देते हैं
वर्ष 2023 से 2025 के बीच लीग की दर्शक संख्या दोगुनी होकर तीन सौ मिलियन से अधिक तक पहुंच चुकी है। चालू सत्र में डिजिटल माध्यमों पर 446 मिलियन दर्शक और कनेक्टेड टेलीविजन पर मजबूत उपस्थिति ने यह साबित कर दिया है कि महिला क्रिकेट अब व्यापक और विविध दर्शक वर्ग को आकर्षित कर रहा है। पुरुष दर्शकों की बढ़ती भागीदारी भी इस बात का संकेत है कि लीग एक सशक्त खेल उत्पाद के रूप में स्थापित हो चुकी है।
महिला प्रीमियर लीग और उसकी पांचों टीमों से अनेक नए साझेदार जुड़े हैं। खाद्य, सौंदर्य, परिधान, टावर, यात्रा और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि महिला क्रिकेट अब लिंग निरपेक्ष ब्रांडों के लिए भी एक भरोसेमंद मंच बन गया है।
वैश्विक स्तर पर महिला क्रिकेट को नई दिशा
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने महिला क्रिकेट के विस्तार और संतुलित विकास के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं। भारत में आयोजित महिला एकदिवसीय विश्व कप 2025 की ऐतिहासिक सफलता ने स्टेडियमों में लगभग तीन लाख दर्शक और देशभर में लगभग पांच सौ मिलियन दर्शकों के माध्यम से महिला क्रिकेट की वैश्विक स्वीकार्यता को नई ऊंचाई दी है।
इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए परिषद ने अगले महिला एकदिवसीय विश्व कप में टीमों की संख्या आठ से बढ़ाकर दस करने का निर्णय लिया है। साथ ही, क्रिकेट को बहु खेल आयोजनों में मजबूत स्थान दिया जा रहा है। वर्ष 2026 के एशियाई खेल, 2027 के अफ्रीकी खेल और 2027 के पैन अमेरिकी खेलों में क्रिकेट की भागीदारी तय हो चुकी है। वर्ष 2028 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक में पुरुष और महिला टी20 प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें छह-छह टीमें भाग लेंगी।
अंतरराष्ट्रीय परिषद ने डिजिटल विस्तार की दिशा में वीडियो खेल अधिकारों के लिए निविदा प्रक्रिया को भी स्वीकृति दी है। इसके साथ ही आंकड़ा आधारित परियोजना के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमता (AI) का उपयोग कर दर्शक सहभागिता, विश्लेषण और व्यावसायिक अवसरों को बढ़ाने की योजना बनाई गई है। उभरते क्रिकेट देशों को वर्ष 2026 में सहयोगी सदस्य के रूप में आर्थिक सहायता में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि भी दी जाएगी।
भारत की पहल: 'स्पीड क्लीन' से नई तेज गेंदबाजी पीढ़ी
भारतीय महिला क्रिकेट के आधार को मजबूत करने की दिशा में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की 'महिला प्रीमियर लीग स्पीड क्लीन' पहल को विशेष महत्व दिया जा रहा है। अंडर-19 और अंडर-23 वर्ग की तेज गेंदबाज़ों की पहचान और उन्हें शीर्ष स्तर तक पहुँचाने की यह योजना मजबूत आधार तैयार कर रही है।
आगे की राह
इंग्लैंड में प्रस्तावित आगामी महिला टी20 विश्व कप से पहले यह स्पष्ट हो चुका है कि महिला क्रिकेट अब केवल उभरता खेल नहीं, बल्कि वैश्विक खेल परिदृश्य का सशक्त स्तंभ बन चुका है। भारतीय लीग की सफलता, अंतरराष्ट्रीय परिषद की नीतियाँ और घरेलू स्तर पर प्रतिभा विकास की योजनाएं मिलकर महिला क्रिकेट को एक नए युग की ओर तेजी से अग्रसर कर रही हैं।
