Home > विशेष आलेख > सेवा और समर्पण से अंत्योदय एवं जनसशक्तिकरण

सेवा और समर्पण से अंत्योदय एवं जनसशक्तिकरण

- कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, सांसद व राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा

सेवा और समर्पण से अंत्योदय एवं जनसशक्तिकरण
X

पीएम श्री नरेन्द्र मोदी ने 15, अगस्त 2017 को भ्रष्टाचार, जातिवाद और संप्रदायवाद खत्म करने का आह्वान करते हुए कहा था कि आजादी के पहले नारा था भारत छोड़ो अब नया नारा है, "भारत जोड़ो"। साथ ही उन्होंने कहा था कि हममे से प्रत्येक व्यक्ति, नए संकल्प, नई ऊर्जा, नई शक्ति के साथ आगे बढ़े तो हम देश का चित्र बदल सकते हैं, ऐसा भारत बना सकते हैं जो नया भारत होगा- सुरक्षित, समृद्ध और सुदृढ़ राष्ट्र।"

यह आह्वान मोदी जी के सेवा और समर्पण के संकल्प दर्शा रहा है। आज मोदी जी का जन्मदिन है और विगत आठ वर्षों में इस संकल्प में भारत आगे बढ़ा है, भारत के लोग सशक्त हो रहे हैं और भारत आज विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता वाला राष्ट्र बन रहा है। यह संकल्प वह था जिसने अनुच्छेद 370 और 35-ए, तीन तलाक, राम मंदिर जैसी समस्याओं का समाधान प्रदान कर देश को सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र दिया। 370 हटा तो विपक्ष कहने लगा इतनी जल्दी क्या है संकल्पों को पूरा करने की। तीन तलाक हटा और कानून बना तो इस पर भी विपक्ष का यही रोना था कि सारे वादे क्यों पूरे कर रहे हैं मोदी जी। राम मंदिर भी इनका यही रोना था।

सेना 30 वर्ष से आधुनिकीकरण की माँग कर रही थी, पिछली सरकारों ने ध्यान ही नहीं दिया। दूसरी बार सत्ता संभालते ही प्रधानमंत्री मोदी जी सेना की इस माँग को पूरा कर अग्निवीर योजना ले आए। विपक्षी दलों ने इस क्या-क्या दुष्प्रचार नहीं किया, लोगों को भड़काकर देश में आग लगाने की भी कोशिश की। इन सबसे विचलित हुए बिना सेवा और विकास की प्रतिज्ञा पूरी करते हुए मोदी जी ने देश को आगे ले जा रहे हैं, गरीब कल्याण का स्वप्न साकार कर रहे हैं। 65 वर्ष से देश की 65 प्रतिशत आबादी बैंकिंग सुविधा से दूर थी, मोदी सरकार ने 46 करोड़ से अधिक जनधन खाता खोलकर गरीबों को इस सुविधा से जोड़ा, डिजिटल इंडिया अभियान चलाया और आज भारत डिजिटल लेन-देन करने वाला विश्व का सबसे बड़ा देश बन गया है, चीन को पीछे छोड़ दिया है। घर-घर शौचालय, घर-घर नि:शुल्क रसोई गैस कनेक्शन, देश के प्रत्येक गांव तक बिजली, फ्री बिजली कनेक्शन, दस करोड़ गरीबों को नि:शुल्क आवास, हर सप्ताह एक नया विश्वविद्यालय, प्रतिदिन दो नए कॉलेज, देश के विभिन्न भागों में नई आईआईटी, आईआईएम, एम्स का निर्माण चल रहा है।

मोदी जी ने सेवा के संकल्प के केंद्र में सदा ही गरीबों, छोटे किसानों, छोटे उद्यमियों, लघु उद्योगों, कुटीर उद्योगों, सूक्ष्‍म उद्योगों, रेहड़ी-पटरी वाले लोगों, घरों में काम करने वाले लोगों, ऑटो रिक्‍शा चलाने वाले लोगों, बस सेवाएं देने वाले लोगों को रखा है और इन सबका विकास और आर्थिक सशक्तिकरण कर सामर्थ्‍यवान भारत बनाने के लक्ष्य पर अग्रसर हैं। मोदी सरकार किसान सम्मान निधि, रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों को 3000 रुपए की मासिक पेंशन, हर घर नल से जल के लिए जलजीवन मिशन, देश में प्रत्येक व्यक्ति को घर देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया और स्टैंट अप इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसे कार्यक्रमों से भारत में अंत्योदय का लक्ष्य पूरा कर रही है। मुझे नहीं याद आता है कि पिछली सरकारें अपने एक-एक नागरिक की बुनियादी समस्याओं को सुलझाने और उन्हें बुनियादी सुविधा पहुँचाने में तत्पर रही हो, पर मोदी जी देश के एक-एक नागरिक के बारे में सोचते हैं और उनके लिए काम कर रहे हैं।

मोदी जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके लिए सत्ता राज करने का साधन नहीं है, बल्कि सेवा का माध्यम है। इसी का परिणाम है कि मोदी जी के आने के बाद 4-5 वर्षों में ही भारत की अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन के आसपास पहुँच गई थी। हाल में भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़कर विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। हाल ही की आर्थिक रिपोर्ट है कि 2029 तक भारत जापान और जर्मनी को पीछे छोड़कर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल कोट की प्राचीर से देश की महात्वाकांक्षी गति शक्ति योजना की घोषणा की थी। 110 लाख करोड़ रुपए के निवेश वाली यह योजना एक तरह से ढांचागत क्षेत्र में नई क्रांति लाएगी।

सेवा के इस संकल्प ने 'आत्‍मनिर्भर' भारत के उज्‍जवल भविष्‍य का बीज बोया है और वह बीज पौधा बनकर तेजी से बढ़ रहा है। मोदी जी ने जो पीएलआई स्‍कीम शुरू की है, वह भारत के आर्थिक विकास एवं व्यापार व उद्योग जगत के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। इसमें एक लाख करोड़ रुपया, दुनिया के लोग हिन्‍दुस्‍तान में अपना नसीब आजमाने आ रहे हैं। भारत मैन्‍यूफैक्चिरिंग हब बनता जा रहा है। पिछले आठ वर्ष के काम का कमाल है कि आज हम विश्व को सैन्य शस्त्र, ब्रह्मोस, हेलीकॉप्टर निर्यात कर रहे हैं, हम दुनिया को सैन्य शस्त्र बेच रहे हैं। रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन में हमने अमरीका, चीन सबको पीछे छोड़ दिया है और नंबर वन बन गए हैं।

आज मोदी जी के नेतृत्व में भारत 5जी के दौर की ओर कदम रख रहा है। ऑप्टिकल फाइबर गांव-गांव में पहुंचाया जा रहा है। डिजिटल इंडिया का सपना गांव तक पहुँचाने के लक्ष्य पर काम हो रहा है। भारत के चार लाख कॉमन सर्विस सेंटर्स गांवों में विकसित हो रहे हैं। गांव के नौजवान बेटे-बेटियां कॉमन सर्विस सेंटर चला रहे हैं। यह गर्व की बात है कि ग्रामीण क्षेत्र में चार लाख डिजिटल उद्यमी का तैयार हो रहे हैं। ये अपने-आप में टेक्‍नोलॉजी हब बनने की भारत की ताकत है। मोदी जी ने कहा था कि हमारी सरकार का संकल्प है देश की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन कर ऐसा बनाएंगे कि हमारे बच्चे पूरी दुनिया में अवसर और कामयाबी पाएं। इसी उद्देश्य से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लेकर आए हैं। 14500 'पीएम श्री स्कूल्‍स (पीएम स्कूल्‍स फॉर राइजिंग इंडिया)' तैयार करने की घोषणा की गई है। नई शिक्षा नीति युवाओं को ये विश्वास दिलाती है कि देश अब पूरी तरह से उनके साथ है, उनके हौसलों के साथ है।

जब कोरोना संकट से देश जूझ रहा था, तब मोदी जी ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा था कि "देश के इस कठिन समय में पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं पर राष्ट्र और मानव सेवा का दायित्व और भी बढ़ गया है। अंत्योदय की भावना और सेवा के संकल्प के साथ लोगों के बीच जाइए, उनके लिए काम कीजिए।" मोदी जी के कुशल नेतृत्व में 'सेवा ही संगठन है,' पार्टी का मूल मंत्र बन चुका है। 'सेवा ही संगठन' के भाव से ही यह स्पष्ट हो जाता है कि राष्ट्र एवं समाज के प्रति मोदी जी की क्या सोच है।

मोदी जी ने कहा है, "आजादी के अमृत महोत्सव से आज़ादी के शताब्दी वर्ष तक का 25 साल का ये कालखंड संकल्प का कालखंड है। ये हर नागरिक के लिए, 2047 में भारत हर क्षेत्र में कैसा और कहां होगा, इसका संकल्प लेने और हर क्षेत्र में भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाने का वर्ष है। हमारी सरकार इसी लक्ष्य पर काम कर रही है, हमारा संकल्प है कि ये लक्ष्य 2022 से 2047 तक के 25 सालों में पूरा करेंगे तो भारत माता निश्चित रूप से विश्व गुरू बनेगी।" मोदी जी के साथ हम सबको भी इस लक्ष्य को प्राप्ति के लिए न केवल संकल्पबद्ध होना होगा, बल्कि सेवा भाव से काम करना होगा।

Updated : 16 Sep 2022 4:36 PM GMT
Tags:    

Swadesh News

Swadesh Digital contributor help bring you the latest article around you


Next Story
Share it
Top