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चलें राम राज की ओर चलें …

के के उपाध्याय

चलें राम राज की ओर चलें …
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वेबडेस्क। जो राम को लाएँ हैं …..हम उनको लाए हैं । यह भजन उप्र का उद्घोष बन चुका है । बीते तीन दशक का इतिहास बदल गया । योगी आदित्यनाथ एक बार फिर मुख्यमंत्री बन गए हैं । यह राम नवमी कुछ ख़ास है । राम मंदिर का निर्माण चल रहा है । नींव का काम लगभग पूरा हो चुका है । मंदिर निर्माण के साथ अब योगी राम राज्य की ओर चल पड़े हैं । राम राज्य यानी शांति । सुरक्षा । राशन । राज में कोई भूखा न रहे । मुख्यमंत्री बनते ही वह तेवर भी नज़र आने लगे ।

माफियाओं पर क़हर टूट रहा है । ज़मीन क़ब्ज़ाने वालों को बुलडोज़र रौंध रहा है । ग़रीबों को मुफ़्त राशन मिल रहा है । 100 दिन का एजेंडा सरकार ने लिया है । मंत्रियों को टार्गेट दिया है । काम तो करना ही होगा । याद करिए वह अद्भुत नजारा , देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री दंडवत थे। चरणों में लौट गए थे। साष्टांग धरती पर माथा टेके हुए थे। अपने राम के चरणों में । देश ने ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा था । दिन था 5अगस्त 2020 । यह एतिहासिक पल थे। 500 साल के बाद यह मंगल घड़ी आई थी। जब हर हिन्दु का । हर भारतीय का सपना साकार होने जा रहा था। यह भी संयोग ही कहेंगे कि राममंदिर आंदोलन में गोरक्षनाथ पीठ का इतिहास रहा है। आज उसी पीठ के योगी आदित्यानाथ मंदिर का निर्माण पूरा कराएंगे। संघ की साधना पूरी हुई। अयोध्या में मंगलगान गूंज उठे। जय श्री राम के उद्घोष सुनाई देने लगा। मंदिर की नींव में देश की पवित्र नदियों का जल डाला गया। देश के पवित्र मंदिरों की मिट्टी लाई गई। यह सचमुच आल्हादित करने वाले पल थे। कभी राम मंदिर के नाम पर मुंह फेरने वाले भी राम राम जपने लगे।

राम नाम है , संकल्पों का । आदर्श का । राम सिर्फ नाम नहीं । यह तो स्पंदन है ,सांसो का । राम रोम रोम में हैं। राम बसे हर घर में । हमारा अभिवादन राम है। हमारा अभिमान राम है। राम बिना हम निष्प्राण हैं। जन्म से लेकर मरण तक राम हमारे साथ हैं। राम की नगरी है अयोध्या । अयोध्या आज इठला रही है । उसके राम को ठिकाना मिल गया है । अयोध्या की गली गली संवर रही गई । मंगलगान गूंज उठे थे। बधाईयां और राम धुन से अयोध्या गूंजयामान थी । अयोध्या का नाता हम सबसे बहुत पुराना है। यह हमारी अस्मिता का नाता है। हमारे पुरूखों की थाती है। अयोध्या सिर्फ गारे मिट्टी का शहर नहीं है। यह तो अभिमान है । हमारा मान है । अयोध्या और राम हमारी शिराओं में बहते हैं, रक्त बन कर। सांसों में बसे हैं प्राण बनकर। शुभ घड़ी आ गई है। वर्षों से टेंट में विराजे राम का कलयुग का वनवास भी समाप्त हो रहा है। एक बार फिर राजतिलक की तैयारी है। अयोध्या में फिर दीवाली होगी। मंगल दीप जलेंगे। अब अंधियारा छंटेगा। अयोध्या में राम विराजेंगे। करोड़ों दिलों में घडकते राम का भव्य मंदिर बनने जा रहा है। देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंदिर की नींव में पहली ईंट रखते ही इतिहास बदल गया। नए युग क की । नए इतिहास की नींव पड़ गई। हम सब साक्षी बने इस बनते इतिहास के। 5 अगस्त पर्व बन गया । यह भी एक त्यौहार बन गया । शताब्दी का नहीं युगाब्ध का इतिहास बदल गया । बदलते युग के साक्षी बने 130 करोड़ भारतीय। दीप जगमागा उठे । हर घर दीवाली मनाई गई। देश ही नहीं विदेश में भी इस नजारे को देखा गया।

अयोध्या के विकास को पंख लगे -

अयोध्या में सिर्फ मंदिर नहीं बनेगा । यहां पूरा ढांचा बदल जाएगा। छोटी सी नगरी अयोध्या विश्वमानचित्र पर होगी। यहां विकास को पंख लग गए हैं। अयोध्या से नेपाल के जनकपुर तक सर्किट बन रहा है। देश-विदेश के लोग अयोध्या में घर बनाना चाहते हैं। राम की नगरी में रहना चाहते हैं। यहां रोजगार की बहार आएगी। धंधे पनपने लगेंगे। किसान चहकने लगेंगे। राम मंदिर निर्माण के साथ विकास के लिए प्रशासन ने जमीनों का अधिग्रहण शुरू कर दिया है। अयोध्या से दो जिले जुड़े हुए होंगे। इसमें बस्ती मंडल से करीब 50 गांवों की जमीन अयोध्या में मिलाई जाएगी। ये जमीन सरयू पार के इलाके मे पड़ती है। जाहिर है अयोध्या में मंदिर से मकान तक विकास की धारा बहेगी। गरीब से किसान तक खुशहाल होंगे। अयोध्या के दिन बहुरेंगे।

Updated : 10 April 2022 9:22 AM GMT
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स्वदेश वेब डेस्क

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