इराक के नये गठजोड़ से हैरत

- ललित मोहन बंसल
इराक़ में पिछले महीने 12 मई को हुए आम चुनाव में सब से बड़े दल 'सेरून एलायंस' के शिया नेता मुक्टडा अल-सद्र ने ईरान समर्थित कट्टरपंथी 'अल-फ़तह कुआएलेशन' से गठजोड़ कर अमेरिका और खाड़ी में अमेरिकी मित्र देशों- वहाबी सुन्नी देश सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन आदि देशों को हैरत में डाल दिया है। इस निर्णय से अमेरिका समर्थित मौजूदा प्रधान मंत्री हैदर अल-आब्दी भी पसोपेश में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सत्तारूढ़ होने से पहले यही हैदर अल-आब्दी ईरान के सुपर धार्मिक नेता आयतुल्ला अल-खमेनी के चहेते थे। लिबरल शिया नेता मुक्टडा अल-सद्र ने चुनाव परिणामों के तुरंत बाद हैदर अल-आब्दी से हाथ मिलाए। उस समय उनके दिमाग़ में आईएसआईएस के विध्वंस के कारण बुनियादी ढांचे में सुधार और लेबनान में हिजबुल्ला तथा फ़िलिस्तीन में हमास के आतंकियों से लोहा लेने के लिए अमेरिकी सुरक्षा बलों के सहयोग की दरकार रही होगी।
