स्टार्टअप डे पर कलेक्टर ने किया विंध्य हैंडमूल का शुभारंभ, ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार

सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले में नेशनल स्टार्टअप डे के मौके पर कलेक्टर ने कई युवा उद्यमियों से मुलाकात की। इस दौरान कलेक्टर ने उद्यामियों से चर्चा कर उनके कार्य के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर सतीश कुमार एस ने "नेशनल स्टार्टअप डे" पर सतना स्मार्ट सिटी इनक्यूबेशन सेंटर में आयोजित "टी टॉक विथ कलेक्टर" कार्यक्रम में शामिल होकर स्टार्टअप से मुलाकात की।
कलेक्टर ने विंध्य हैंडमूल और हैंडक्रॉप्ट के फांउडर विकास तिवारी और उनकी पत्नी शिवांगी तिवारी से मुलाकात की। इस दौरान विकास ने कलेक्टर से चर्चा करते हुए बताया कि वह हैंडमूल के काम को गांव तक पहुंचाकर लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना चाहते हैं। ग्रामीण अंचल में वह बुनकरों के माध्यम से कपड़ा बनवाकर उसे मार्केट में उतारेंगे। कलेक्टर ने विकास के इस पहल की तारीफ की।
रीवा के रहने वाले हैं विकास
विकास तिवारी मूल रूप से मध्य प्रदेश के रीवा जिले के रहने वाले हैं। उनका जन्म सेमारिया थाना क्षेत्र के बबैया गांव में हुआ है। विकास की रुचि शुरू से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर रही है। करीब 5 सालों तक अलग-अलग जहगों में रहकर उन्होंने हैंडमूल के काम को बरीकी से सीखा और अब उन्होंने अपना खुद का स्टार्टअप शुरू किया है।
स्टार्टअप के माध्यम से लोगों को मिली नौकरियां
देश में स्टार्टअप की शुरुआत पीएम मोदी ने की थी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री ने देश के समक्ष एक नई सोच रखी थी। 2016 में जब स्टार्टअप इंडिया लॉन्च हुआ तो मात्र 400 के करीब स्टार्टअप हुआ करते थे। आज इस मुहिम ने एक विशाल रूप ले लिया है और 2 लाख से अधिक स्टार्टअप हैं। उन्होंने कहा कि अनुमान है कि इन स्टार्टअप के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से 21 लाख से अधिक नौकरियां अभी तक मिली हैं।
