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साल का अंतिम सूर्यग्रहण आज, विश्व राजनीति में बढ़ेगा भारत का कद

साल का अंतिम सूर्यग्रहण आज, विश्व राजनीति में बढ़ेगा भारत का कद
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वेबडेस्क।मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की आज अंतिम सोमवती अमावस्या है। इसी दिन साल का अंतिम सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। हालांकि यह ग्रहण विदेशों में ही नजर आएगा। भारत में सीधे तौर पर नहीं,लेकिन इसका सीधा असर राजनीति पर साफ दिखाई देखा जायेगा। ग्रहों की चल बता रही है की विश्‍व की राजनीति में भारत का कद बढ़ेगा और वह निर्णय की अहम भूमिका में आनेवाले दिनों में साफ तौर पर दिखाई देने लगेगा।

इसी क्रम में आगामी वर्ष 2021 में जो दो सूर्यग्रहण पड़ेंगे।वे भारत में नहीं दिखेंगे और न ही इनका कोई धार्मिक महत्व होगा।2021 का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून को आंशिक रूप से तो दूसरा ग्रहण 4 दिसंबर को होगा। 57 वर्ष बाद पंच ग्रह युति योग सोमवती अमावस्या पर बन रहा है। इस दिन यज्ञ, दान, तप, हवन व अनुष्ठान करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। इस दिन तुलसी जी की 108 बार प्रदक्षिणा करने से घर की दरिद्रता दूर होती है।

पंच ग्रह युति बनी हुई है -

ज्योतिषाचार्य कुमार सुचित्र रघुनंदन आचार्य राजेश दुबे के अनुसार इस बार सोमवती अमावस्या पर पंच ग्रह युति बनी है।इसलिए वृश्चिक राशि में सूर्य, चंद्र, बुध व शुक्र केतु की युति रहेगी। इसी युति का वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल से नवम पंचम दृष्टि संबंध भी बनेगा। वर्ष 1963 में पंचांग के पांच अंग जैसे थे वैसे ही 2020 में अमावस्या तिथि पर हैं जिसमें अमावस्या तिथि जेष्ठा नक्षत्र शूल योग चतुष्पाद करण वृश्चिक राशि का चंद्रमा पांच अंकों के साथ पंच ग्रही योग विशेष प्रबलता लिए हुए हैं।

उन्‍होंने बताया कि इसका असर कूटनीतिक क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। इस दृष्टि से देखें तो भारतीय विदेशी नीति आने वाले तीन वर्षों में बेहतर परिणाम देने वाली रहेगी। भारत का विश्व में प्रभाव बढ़ेगा। भारत दुनिया के नक्‍शे पर निर्णय के स्‍तर पर आनेवाले दिनों में अहम भूमिका निभाने जा रहा है।

Updated : 14 Dec 2020 9:07 AM GMT
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स्वदेश वेब डेस्क

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