वाराणसी में नगर निगम का बड़ा फैसला लिया है। दिव्यांगों को 100% टैक्स छूट और आम लोगों को 12% तक राहत। जानिए नई योजना से किसे कितना फायदा मिलेगा।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में नगर निगम ने टैक्स को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस निर्णय से लाखों भवन स्वामियों को सीधे राहत मिलने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत जहां आम लोगों को टैक्स में छूट दी गई है, वहीं दिव्यांगजनों के लिए पूरी तरह माफी का प्रावधान किया गया है। यह कदम न सिर्फ आर्थिक राहत देता है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता का भी संकेत माना जा रहा है।
आम जनता को टैक्स में सीधी राहत
नगर निगम के फैसले के अनुसार, 15 जुलाई तक हाउस टैक्स, वॉटर टैक्स और सीवर टैक्स जमा करने पर 10% छूट मिलेगी। अगर उपभोक्ता डिजिटल माध्यम से भुगतान करते हैं, तो यह छूट बढ़कर 12% तक हो जाएगी। पहले से टैक्स जमा करने वाले लोगों को भी राहत दी गई है। उनकी छूट राशि अगले साल के बिल में एडजस्ट की जाएगी।
दिव्यांगजनों के लिए 100% टैक्स माफी
महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुए फैसले में बड़ा सामाजिक कदम उठाया गया। दृष्टिहीन और 80% से अधिक दिव्यांगता वाले भवन स्वामियों का हाउस, वॉटर और सीवर टैक्स पूरी तरह माफ कर दिया गया है। हालांकि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए अधिकृत प्रमाण पत्र निगम में जमा करना जरूरी होगा।
व्यापारियों और शहर विकास पर भी फोकस
नगर निगम ने व्यापारियों को भी राहत देते हुए लाइसेंस शुल्क में 10% की छूट देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही शहर में विकास कार्यों को भी गति दी जा रही है, ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो सके। यह कदम स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के रूप में देखा जा रहा है।
वरुणा रिवर फ्रंट से बदलेगी तस्वीर
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि वरुणा रिवर फ्रंट परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इस योजना के तहत 48 नालों को ट्रीट किया जाएगा और नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। करीब डेढ़ साल में यह परियोजना पूरी होने की उम्मीद है, जिससे नदी को साफ करने और सौंदर्यीकरण में मदद मिलेगी।
शहर में सुविधाएं भी होंगी बेहतर
नगर निगम ने शहर के सभी यूरिनल्स को मुफ्त करने का फैसला लिया है। साथ ही पारदर्शिता के लिए रेट बोर्ड लगाए जाएंगे। रखरखाव के लिए एजेंसी नियुक्त की जाएगी ताकि सुविधाएं बेहतर बनी रहें। सिगरा क्षेत्र में आधुनिक फल बाजार विकसित करने की योजना भी बनाई गई है, जिससे स्थानीय व्यापार को नई दिशा मिलेगी।