संजय पांडे, सागर: बंडा सिंचाई परियोजना के अंतर्गत बन रहे उल्दन बांध से प्रभावित ग्राम उल्दन (तहसील बंडा) के दर्जनों ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर आज (20 जुलाई) से कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। शासन-प्रशासन द्वारा मुआवजा नीति और विस्थापन प्रक्रिया की विसंगतियों पर ध्यान न दिए जाने से नाराज ग्रामीण आज सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र होकर धरने पर बैठ गए हैं।
बाजार दर से बहुत कम है मुआवजा
धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन द्वारा तय की गई मुआवजा राशि वर्तमान बाजार दर (करंट मार्केट रेट) के मुकाबले बहुत कम है। इस नाममात्र के मुआवजे से नई जगह जमीन खरीदना या मकान बनाना पूरी तरह असंभव है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन का रवैया उदासीन बना हुआ है, जिसके कारण उन्हें मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा।
धरना स्थल से ग्रामीणों की मांगें
उचित मुआवजा: वर्तमान बाजार दरों को ध्यान में रखते हुए मुआवजा राशि में तत्काल बढ़ोतरी की जाए।
निष्पक्ष और पूर्ण सर्वे: काम-धंधे के लिए बाहर गए लोगों, बाहर पढ़ रहे विद्यार्थियों और परिवार की हकदार महिलाओं के नाम सर्वे सूची में जोड़कर उन्हें प्लॉट व मुआवजा दिया जाए।
पशुपालकों को अतिरिक्त जगह: प्रत्येक पशुपालक को विस्थापन स्थल पर मवेशी बांधने और भूसा-चारा रखने के लिए अलग से अतिरिक्त प्लॉट आवंटित किया जाए।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन
ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक जिला प्रशासन उनकी उचित मांगों का ठोस निराकरण नहीं करता, तब तक कलेक्ट्रेट के सामने यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। धरने में ग्राम उल्दन के कई प्रभावित किसान, महिलाएं और ग्रामीण उपस्थित हैं।