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ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देशों के बाद एक्शन; रशद माफिया और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू

शिवपुरी में राशन वितरण में अनियमितता पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने अधिकारियों को नोटिस जारी किए, निलंबन और विभागीय जांच की चेतावनी।


ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देशों के बाद एक्शन रशद माफिया और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू

Ration Scam in Shivpuri |

राजेंद्र जैन,शिवपुरी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित सिंधिया को अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान जिले के कई क्षेत्रों में से राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इसके बाद सिंधिया ने खुले मंच से कलेक्टर को राशन माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए थे। केंद्रीय मंत्री के दिए गए निर्देशों के पालन में कलेक्टर अर्पित वर्मा द्वारा जिलेभर में राशन माफिया के खिलाफ नकेल करने का काम शुरू कर दिया गया है। इतना ही नहीं अपने कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी अब गाज गिरना शुरू हो गई है। 

डीएम अर्पित वर्मा ने आज यानी शुक्रवार के दिन आधा दर्जन से अधिक अधिकारी कर्मचारियों को कार्य में हीला हवाली बरतने के चलते कार्रवाई की जद में लेते हुए नोटिस जारी किए हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण में अनियमितता और पदीय कर्तव्यों में लापरवाही बरतने पर जिला प्रशासन द्वारा सख्त रुख अपनाया गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जूनियर आपूर्ति अधिकारी अनुविभाग पिछोर (तत्कालीन जूनियर आपूर्ति अधिकारी अनुविभाग कोलारस) गौरव कदम को शासकीय ऑनलाइन राशन पोर्टल पर गंभीर अनियमितता एवं राशन गबन के मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 

जारी कारण बताओ नोटिस के तहत जूनियर आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम की कोलारस अनुविभाग में पदस्थापना अवधि (मार्च 2025 से नवंबर 2025) के दौरान शासकीय ऑनलाइन राशन पोर्टल पर गंभीर अनियमितता की शिकायतें प्राप्त हुई। जिसमें कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर पूर्व अवधि का अतिरिक्त आवंटन (अतिरिक्त राशन) दिखाकर उसे बैक डेट तरीके से घटाया या हटाया गया। इस कागजी हेराफेरी के माध्यम से शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर 27 से 85 क्विंटल तक अतिरिक्त खाद्यान्न अवैध रूप से हटाया गया। जांच में ग्राम वरखेड़ाखुर्द, चितार, मकरारा एवं एजवारा की राशन दुकानों में खाद्यान्न की हेराफेरी किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। 


साथ ही अनुविभाग पिछोर में स्थानांतरण होने के उपरांत  भी खाद्यान्न व्यवस्था की सही तरीके से निगरानी और पर्यवेक्षण न करने के कारण खाद्यान्न व्यवस्था प्रभावित हुई है। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने इस कृत्य को म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए निर्देशित किया है कि वे अपना स्पष्टीकरण 09 सितंबर 2026 को समक्ष में उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। निर्धारित तिथि तक संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में म.प्र. सिविल (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 14 के तहत निलंबन एवं विभागीय जांच की कार्रवाई की चेतावनी दी है। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे, सहकारिता विभाग के उपायुक्त सुधीर कुशवाह, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी शिवपुरी जगदीप सिंह, सहकारिता निरीक्षक एवं प्रभारी कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी कोलारस एवं बदरवास संजय दुबे, सहकारिता निरीक्षक एवं प्रभारी कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पोहरी पार्थ दुबे तथा कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी करैरा एवं नरवर नरेश मांझी कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। 

केंद्रीय मंत्री को मिली थी शिकायतें

जिले में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान विकासखंड कोलारस एवं बदरवास के ग्राम बड़ोखर, देहरदा सड़क एवं डेहरवारा में संचालित पीडीएस दुकानों पर खाद्यान्न सामग्री का वितरण न होने की गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दुकानदारों द्वारा या तो हितग्राहियों को राशन का वितरण नहीं किया गया या निर्धारित मात्रा से कम बांटा गया। अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर दुकानों का निरीक्षण नहीं किया गया और शासन की इस महत्वपूर्ण योजना की निगरानी में घोर लापरवाही बरती गई है।

इसके अलावा अपर कलेक्टर द्वारा गतदिवस किए गए निरीक्षण के दौरान कोलारस के ग्राम कार्या, उन्हाई, बदरी एवं डेहरवारा में केवल एक प्रतिशत खाद्यान्न सामग्री ही दुकानों तक पहुंची पाई गई,  जिला आपूर्ति अधिकारी के पास प्रभारी जिला प्रबंधक (म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड) का प्रभार होने के बावजूद कोलारस व बदरवास क्षेत्र में कोई पर्यवेक्षण नहीं किया गया। इसी प्रकार कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों एवं क्षेत्र प्रभारियों द्वारा भी लगातार दिए गए निर्देशों के बावजूद अपने क्षेत्रांतर्गत दुकानों का भ्रमण व निरीक्षण नहीं किया गया। इस कृत्य को म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन मानते हुए कार्यवाही की गई है।

कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जगदीप सिंह, संजय दुबे, पार्थ दुबे एवं नरेश मांझी के विरुद्ध 02 वार्षिक वेतनवृद्धियां रोकने तथा जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे व सहकारिता उपायुक्त सुधीर कुशवाह के विरुद्ध म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 14 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करने हेतु नोटिस जारी किए गए हैं।

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