सतना जिला अस्पताल में सेवा संकल्प संस्था 16 वर्षों से जरूरतमंदों को भोजन और कपड़े उपलब्ध करा रही है। भोजन बनाने वाली माताओं को ‘अन्नपूर्णा’ कहा जाता है।
राजेश धामी
सतना। रहीम खानखाना का प्रसिद्ध दोहा “दीनहि सबको लखत है…” सेवा और संवेदना का संदेश देता है। इसी भावना को जीवन में उतारते हुए जिला अस्पताल परिसर में संचालित ‘सेवा संकल्प’ पिछले कई वर्षों से जरूरतमंदों की मदद का कार्य कर रहा है। संस्था न केवल गरीबों के लिए कपड़ा बैंक चला रही है, बल्कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को नियमित भोजन भी उपलब्ध करा रही है।
16 वर्षों से लगातार चल रही सेवा
सेवा संकल्प से जुड़े सेवादारों का समर्पण इस बात से समझा जा सकता है कि पिछले 16 वर्षों में न तो कपड़ा बैंक एक दिन भी बंद हुआ और न ही भोजन सेवा रुकी। संस्था के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में जरूरतमंदों को फटे-पुराने कपड़ों में देखकर कपड़ा बैंक शुरू करने का निर्णय लिया था। यहां लोग स्वेच्छा से कपड़े दान करते हैं और संस्था उन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाती है, ताकि कोई भी व्यक्ति मौसम की मार से असहाय न रहे।
भोजन सेवा से मिला परिजनों को सहारा
संस्था के संस्थापक सुरेश बड़ेरिया के अनुसार 14 फरवरी 2010 को जिला अस्पताल में गरीब मरीजों के परिजनों के लिए भोजन सेवा की शुरुआत की गई थी। इलाज के दौरान कई परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजरते हैं और भोजन तक की व्यवस्था नहीं कर पाते। ऐसे में सेवा संकल्प उनके लिए सहारा बना। आज संस्था रोजाना जरूरतमंदों को भरपेट भोजन उपलब्ध करा रही है।
भोजन बनाने वाली माताएं-बहनें हैं ‘अन्नपूर्णा’
सेवा संकल्प में भोजन तैयार करने वाली माताओं और बहनों को संस्था ‘अन्नपूर्णा’ कहकर सम्मान देती है। संस्था का उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं, बल्कि सेवा को परिवार जैसी भावना से जोड़ना भी है।
जनभागीदारी से बढ़ी सेवा भावना
संस्था ने सेवा को समाज से जोड़ने का अनूठा तरीका अपनाया है। लोग अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या पुण्यतिथि जैसे अवसरों पर अस्पताल परिसर में आकर भोजन सेवा करते हैं। इससे समाज में सेवा और सहयोग की भावना मजबूत हुई है।
कोरोना काल में भी नहीं रुकी मदद
कोरोना महामारी के दौरान जब कई व्यवस्थाएं ठप थीं, तब भी सेवा संकल्प ने भोजन सेवा जारी रखी। संस्था ने जरूरतमंदों के घर तक भोजन पैकेट पहुंचाकर मानवता की मिसाल पेश की। आज सेवा संकल्प केवल एक संस्था नहीं, बल्कि दानदाताओं, सेवादारों और समाजसेवियों की सामूहिक पहल बन चुकी है। निरंतर सहयोग और विश्वास के साथ यह प्रकल्प जिले में सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया है।