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Ramabhadracharya Defamation Case Court

Rambhadracharya Case: रामभद्राचार्य की टिप्पणी पर मानहानि का परिवाद! कोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश

तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के खिलाफ ब्राह्मण उपजातियों पर कथित टिप्पणी को लेकर प्रयागराज की एसीजेएम कोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।


rambhadracharya case रामभद्राचार्य की टिप्पणी पर मानहानि का परिवाद कोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश

Ramabhadracharya Defamation Case Court |

प्रयागराज। तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य की ओर से ब्राह्मणों की कुछ उपजातियों को लेकर कथित टिप्पणी का मामला अब कोर्ट पहुंच गया है। एसीजेएम कोर्ट संख्या-8, प्रयागराज ने शिकायत पर सुनवाई के बाद स्वामी रामभद्राचार्य के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर की तारीख तय की है।

परिवाद दाखिल करने वाले शिकायतकर्ता

मामले में करछना थाना क्षेत्र के खांई गांव निवासी सुरेश चंद्र उपाध्याय ने परिवाद दाखिल किया है। शिकायतकर्ता खुद को भारतीय किसान सेना लोकतांत्रिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताते हैं। उन्होंने स्वामी रामभद्राचार्य को कथित बयान के लिए मानहानि के अपराध में तलब कर दंडित किए जाने की मांग की है।

वृंदावन की भागवत कथा में कथित टिप्पणी का आरोप

शिकायत के मुताबिक, 3 फरवरी 2024 को वृंदावन, मथुरा में भागवत कथा के दौरान स्वामी रामभद्राचार्य ने ब्राह्मण समाज की कुछ उपजातियों—उपाध्याय, पाठक, चौबे, त्रिगुणायक और दीक्षित—को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि इन उपजातियों को लेकर उन्हें 'अधम' और 'नीच' श्रेणी का बताया गया तथा कहा गया कि उनके यहां इन समुदायों में अपनी लड़कियों की शादी नहीं की जाती।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस टिप्पणी के बाद उपाध्याय समाज के लोगों को सामाजिक अपमान और वैवाहिक रिश्तों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि स्वामी रामभद्राचार्य संत होने के कारण समाज में सम्मानित हैं, इसलिए उनके इस तरह के बयान से शिकायतकर्ता और उनके समाज के लोगों को विशेष रूप से ठेस पहुंची।

पुलिस से सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट पहुंचे शिकायतकर्ता

शिकायतकर्ता का कहना है कि रामभद्राचार्य के इस बयान की जानकारी उसे 29 अप्रैल 2025 को मिर्जापुर के एक कार्यक्रम के दौरान हुई। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार, 22 मई को पुलिस कमिश्नर प्रयागराज को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया और रजिस्टर्ड डाक से भी शिकायत भेजी गई, लेकिन पुलिस स्तर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

पुलिस से कार्रवाई नहीं होने के बाद शिकायतकर्ता ने कोर्ट का रुख किया। उन्होंने 14 सितंबर को पेटिशन दाखिल किया। सुनवाई के बाद 17 सितंबर को एसीजेएम कोर्ट संख्या-8 ने आदेश पारित करते हुए स्वामी रामभद्राचार्य को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की।

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