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UP Kanwar Yatra

UP Kanwar Yatra: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों को नो एंट्री, CCTV करेंगे निगरानी

इस साल कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों को एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी। यह फैसला सरकारी स्तर पर हुई एक समीक्षा बैठक में लिया गया।


up kanwar yatra दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों को नो एंट्री  cctv करेंगे निगरानी

UP Kanwar Yatra: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों को नो एंट्री, CCTV करेंगे निगरानी |

UP Kanwar Yatra: इस साल कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों को एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी। यह फैसला सरकारी स्तर पर हुई एक समीक्षा बैठक में लिया गया। कांवड़ियों के आने-जाने के लिए वैकल्पिक रास्ते तय किए जाएंगे। जिन जगहों पर कांवड़ के रास्ते एक्सप्रेसवे से मिलते हैं, वहां खास निगरानी रखी जाएगी ताकि कोई भी कांवड़िया एक्सप्रेसवे पर न जा सके।

कांवड़ यात्रा को लेकर समीक्षा

सोमवार को राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा के अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक वर्चुअल बैठक की। बैठक में डिविजनल कमिश्नर, आईजी रेंज और डीआईजी, ‌जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी शामिल हुए। 

जिलों को दिए बड़े निर्देश

बैठक के दौरान गाजियाबाद समेत राज्य के सभी जिलों को निर्देश दिए गए कि वे एक हफ्ते के अंदर सभी ज़रूरी इंतजाम पूरे कर लें (जैसे कांवड़ के रास्तों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइटिंग, पीने के पानी की सुविधा, बैरिकेडिंग और साफ-सफाई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और सीसीटीवी कैमरों व ड्रोन से निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीमों (क्यूआरटी) को तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

तैनात होंगे एक्सप्रेसवे मित्र

गाजियाबाद के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर) विकास कश्यप ने बताया कि जिन जगहों पर कांवड़ के रास्ते एक्सप्रेसवे से जुड़ते हैं, वहां 'एक्सप्रेसवे मित्र' (एक्सप्रेसवे सहायक) तैनात किए जाएंगे। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कांवड़िये किसी भी हालत में एक्सप्रेसवे पर न जाएं। सरकार ने साफ किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी जिले में ट्रैफिक व्यवस्था में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। यात्रा, श्रद्धालुओं की आवाजाही और खास कार्यक्रमों के बारे में जानकारी डिविजनल स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लिए जा सकें।

लगेंगे 1275 सीसीटीवी कैमरे

कांवड़ के रास्तों पर 1,275 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। यात्रा के दौरान 193 जगहों पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा। सुरक्षा इंतजामों को पक्का करने के लिए कुल 1,437 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा। इसके अलावा, 17 ऊंचे और पक्के बैरियर भी लगाए जाएंगे।

लगेंगे 157 कांवड़ कैंप

कांवड़ रूट को तीन सुपर जोन, 11 जोन और 24 सेक्टर में बांटा गया है। कांवड़ियों की सुविधा के लिए 157 कांवड़ कैंप और 12 एंट्री पॉइंट भी तय किए गए हैं। 21 सड़कें की जा रहीं तैयार जिले में कांवड़ियों की आवाजाही के लिए 21 मुख्य सड़कें तैयार की जा रही हैं। नगर निगम और लोक निर्माण विभाग समेत कई विभाग और एजेंसियां सड़कों की मरम्मत और सुधार के काम में लगी हुई हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन सड़कों की कुल लंबाई लगभग 100 किलोमीटर है और रोजाना लाखों कांवड़ियों के इन रास्तों से गुजरने की उम्मीद है। सभी विभागों को तय समय के अंदर काम पूरा करने और प्रशासन को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य पर रहेगा फोकस

कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक इंतजामों की निगरानी के लिए मेरठ रेंज का मुख्य कंट्रोल रूम चालू रहेगा। इसके अलावा, चार लोकल कंट्रोल रूम और आठ हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे। मुख्य रास्तों पर 33 वायरलेस पीए सिस्टम और 26 लाउडस्पीकर लगाए जाएंगे।कांवड़ियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए जिले के 29 अस्पतालों में 150 बेड रिजर्व किए गए हैं। 24 मोबाइल मेडिकल टीमें जरूरतमंदों को इलाज देने के लिए लगातार तैनात रहेंगी। दूधेश्वर नाथ मंदिर पर विशेष इंतजाम इस बीच दूधेश्वरनाथ मंदिर को संवेदनशील जगह माना गया है और वहां एक 'ग्रीन कॉरिडोर' बनाया जाएगा। मंदिर में सुरक्षा और इंतजामों की देखरेख के लिए एक खास कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा।