मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की जॉइनिंग के बाद करीब 7 हजार अतिथि शिक्षकों की सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है। वर्ग-2 और वर्ग-3 की काउंसलिंग से असर और बढ़ सकता है।
भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हजारों अतिथि शिक्षकों के सामने एक बार फिर नौकरी का संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 70 हजार अतिथि शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। अब प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के चयनित अभ्यर्थियों की स्कूल एलोकेशन प्रक्रिया शुरू होने के बाद करीब 7 हजार अतिथि शिक्षकों की सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है।
प्राथमिक शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में चयनित करीब 7 हजार अभ्यर्थियों के लिए स्कूल आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चयनित अभ्यर्थियों को अपनी पसंद के स्कूल का चयन करना है। स्कूल आवंटित होने के बाद वे संबंधित स्कूलों में जॉइनिंग देंगे। जिन स्कूलों में अभी अतिथि शिक्षक उन्हीं पदों पर काम कर रहे हैं, वहां नियमित शिक्षक के पहुंचने के बाद अतिथि शिक्षकों की जरूरत खत्म हो सकती है।
नियमित शिक्षक आते ही खत्म हो सकती है सेवा
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रावधानों के अनुसार अतिथि शिक्षक की नियुक्ति नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं होने तक की जाती है। ऐसे में चयनित प्राथमिक शिक्षकों की जॉइनिंग के बाद संबंधित पदों पर काम कर रहे अतिथि शिक्षकों की सेवाएं समाप्त हो सकती हैं। हालांकि, सरकार की ओर से यह व्यवस्था भी बताई गई है कि सेवा में लिए गए अतिथि शिक्षक को गंभीर कारण के बिना सत्र समाप्त होने से पहले हटाया नहीं जाएगा। लेकिन नियमित शिक्षक की नियुक्ति और पदस्थापना की स्थिति में अलग प्रावधान लागू हो सकते हैं।
वर्ग-2 की वेटिंग काउंसलिंग से भी असर
अतिथि शिक्षकों की परेशानी केवल प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति तक सीमित नहीं है। स्कूल शिक्षा विभाग वर्ग-2 के चयनित शिक्षकों के लिए वेटिंग काउंसलिंग का दूसरा चरण भी शुरू करने जा रहा है। इसमें प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर स्कूल आवंटित किए जाएंगे। नियमित शिक्षकों की जॉइनिंग होने पर इन स्कूलों में काम कर रहे अतिथि शिक्षकों की सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
वर्ग-3 के शिक्षकों की भी होगी काउंसलिंग
वर्ग-3 के चयनित शिक्षकों की जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस श्रेणी में भी वेटिंग काउंसलिंग शुरू की जाएगी। इससे उन स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों पर असर पड़ सकता है, जहां लंबे समय से नियमित शिक्षकों के पद खाली हैं।
वर्ग-1 के अतिथि शिक्षकों को फिलहाल राहत
वर्ग-1 के अतिथि शिक्षकों के मामले में फिलहाल स्थिति अलग है। वर्ग-1 से जुड़े चयन और नियुक्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसलिए इस श्रेणी में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर अभी अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि इस मामले में सितंबर में फैसला आने की उम्मीद है। अदालत के फैसले के बाद ही वर्ग-1 के शिक्षकों और उनके पदों पर काम कर रहे अतिथि शिक्षकों को लेकर तस्वीर साफ होगी।
अब सरकार के फैसले पर नजर
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षक लंबे समय से नियमित शिक्षकों की कमी पूरी करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अब नियमित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ने से उनके रोजगार को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। फिलहाल प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के तहत स्कूल आवंटन और जॉइनिंग की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद ही साफ होगा कि कितने अतिथि शिक्षकों की सेवाएं वास्तव में समाप्त होती हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि नियमित शिक्षकों की जॉइनिंग के बाद प्रभावित होने वाले अतिथि शिक्षकों के लिए सरकार क्या व्यवस्था करती है।