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MP Farmar Protest

MP Farmar Protest: मोहन सरकार ने 24 घंटे में खत्म की किसानों की समस्या, वापस लौटे किसान

प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने जानकारी देते हुए बताया है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों को मान लिया है।


mp farmar protest मोहन सरकार ने 24 घंटे में खत्म की किसानों की समस्या वापस लौटे किसान

MP Farmar Protest: मोहन सरकार ने 24 घंटे में खत्म की किसानों की समस्या, वापस लौटे किसान |

MP Farmar Protest: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आंदोलनरत किसानों के मुद्दों को हल करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा गठित कमेटी और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच 29 जुलाई को मंत्रालय में हुई बैठक के बाद बड़े फैसले लिए गए हैं। प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने जानकारी देते हुए बताया है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों को मान लिया है। 

मूंग उपार्जन की सीमा हुई 60%

कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने बताया कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मूंग खरीदी को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। केंद्र सरकार के नियमों के तहत पहले राज्य में मूंग उत्पादन का अधिकतम 25% न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का प्रावधान था। अब राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 60% प्रति पात्र किसान कर दिया है। सरकार के इस निर्णय से नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे मूंग उत्पादक जिलों के किसानों को प्रति एकड़ लगभग 3 क्विंटल उपार्जन का सीधा लाभ मिलेगा। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

स्लॉट बुकिंग और उपार्जन की तिथि बढ़ी

किसानों को मूंग बेचने में असुविधा न हो, इसके लिए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 जुलाई से बढ़ाकर अब 10 अगस्त कर दी है। वही मूंग खरीदी की अंतिम तिथि को भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दिया है।

'ई-टोकन व्यवस्था' स्थगित

इसके अलावा खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था से आ रही दिक्कतों और शिकायतों को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है, जो ई-टोकन व्यवस्था से जुड़ी सभी समस्याओं की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। समिति के सुझाव और सुधार लागू होने तक खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को रोक दिया गया है।