मिलावटखोरों और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। रविवार देर रात थाना सिम्भावली क्षेत्र के गांव टोडरपुर में पनीर बना
प्रमोद शर्मा, हापुड़: मिलावटखोरों और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। रविवार देर रात थाना सिम्भावली क्षेत्र के गांव टोडरपुर में पनीर बनाने के तीन ठिकानों पर छापेमारी से हड़कंप मच गया। टीम ने करीब 1300 किलोग्राम पनीर बरामद कर मौके पर ही जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर नष्ट करा दिया। सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय हापुड़ चंद्र शेखर मिश्र के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पुलिस बल के साथ रविवार रात करीब 10 बजे टोडरपुर गांव पहुंची। टीम ने जहीर पुत्र जमील, कादिर पुत्र मीर हसन और जमीर पुत्र जमील की पनीर निर्माणशालाओं पर एक साथ कार्रवाई की।
1300 किलो पनीर जेसीबी से गड्ढे में दफन
बताया गया कि तीनों निर्माण स्थल एक-दूसरे से सटे हुए हैं। छापेमारी के दौरान जहीर के प्रतिष्ठान से करीब 320 किलो, कादिर के यहां से 350 किलो और जमीर के प्रतिष्ठान से करीब 550 किलो पनीर मिला। विभाग के अनुसार पनीर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा हुआ था। ऐसे में इसके सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पनीर के नमूने भी लिए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। वहीं करीब 1300 किलो पनीर को जेसीबी मशीन की मदद से गड्ढा खुदवाकर नष्ट करा दिया गया। बड़ी मात्रा में पनीर नष्ट होते देख मौके पर हड़कंप की स्थिति बनी रही।
‘खाने की थाली तक पहुंचने से पहले’ पकड़ा गया खेल
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर अब विभाग की नजर है। अधिकारियों ने संबंधित लोगों को खाद्य पदार्थों के निर्माण और भंडारण में साफ-सफाई एवं निर्धारित मानकों का पालन करने की कड़ी चेतावनी दी है। साथ ही स्पष्ट किया कि भविष्य में लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा। अब देखना होगा कि जांच में पनीर के नमूनों की रिपोर्ट क्या तस्वीर सामने लाती है।