मध्यप्रदेश की हॉट सीट दतिया में होने वाले उपचुनाव की जंग के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया और प्रदेश सियासत में हलचल पैदा कर दी है। उपचुनाव में हार जीत का दावा और शह मात का खेल खेल र
Datia By-Election: मध्यप्रदेश की हॉट सीट दतिया में होने वाले उपचुनाव की जंग के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया और प्रदेश सियासत में हलचल पैदा कर दी है। उपचुनाव में हार जीत का दावा और शह मात का खेल खेल रही भाजपा और कांग्रेस के दो दिग्गजों का अचानक एक ही ट्रेन में और आमने सामने की सीट पर आमना सामना हो गया।
दरसअल, दतिया में उपचुनाव की जंग शुरू हो चुकी है। अपने अपने प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार के लिए दतिया जाने के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवार और जीतू पटवारी की ट्रेन में सफर के दौरान मुलाकात हो गई। यह आत्मीयता और शिष्टाचार मुलाकात अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।
एक ही बोगी में आमने-सामने दिग्गज
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों ही नेता दतिया उपचुनाव में अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए ट्रेन से रवाना हुए थे। इसी दौरान सफर के बीच दोनों नेताओं का आमना-सामना हो गया। चुनावी मुकाबले और वैचारिक मतभेदों को दरकिनार कर दोनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे का अभिवादन किया। इतना ही नही ट्रेन में दोनों दिग्गजों के बीच काफी देर तक बातचीत का दौर भी चला। हालांकि, दोनों के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन दोनों के चेहरों पर मुस्कान और दोस्ताना अंदाज साफ नजर आ रहा था, जो सामने आई तस्वीर में साफ तौर पर देखा जा सकता है।
दोनों के लिए साख का सवाल
आपको बता दें कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दतिया उपचुनाव दोनों ही दलों के लिए साख का सवाल बन चुका है। कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के बाद खाली हुई इस सीट को कांग्रेस हर हाल में अपने कब्जे में करना चाहती है। तो वही भाजपा अपनी खोई हुई सीट को वापस लाने के लिए आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारकर अपनी पूरी ताकत झौंक रही है।
तस्वीर के सियासी मायने
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीर को लेकर कई तरह की चर्चाएं होना शुरू हो गई है। चर्चा है कि राजनीतिक मंचों पर भले ही दोनों दलों के बीच तलवारें खिंची हों, वार-पलटवार होता रहा हो, लेकिन सफर के दौरान आत्मीय संवाद और शिष्टाचार का यह नजारा बताता है कि वैचारिक मतभेद कभी भी व्यक्तिगत रिश्तों के आड़े नहीं आते।