जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी के उफान पर आने से उसके किनारे बसे नौ गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
विवेक सिंह, अमेठी: जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी के उफान पर आने से उसके किनारे बसे नौ गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। एसडीएम पंकज मिश्रा के नेतृत्व में तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। गोमती नदी में पानी बढ़ने से नदी किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एसडीएम पंकज मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों और राजस्व कर्मियों को लगातार क्षेत्र में निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। राजस्व टीमों को संवेदनशील गांवों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और ग्रामीणों से संपर्क बनाए रखने को कहा गया है।
जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
नदी के आसपास के इलाकों में पानी बढ़ने की स्थिति को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों की ओर से नदी के जलस्तर के साथ ही गांवों में जलभराव और आवागमन की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए भी तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासन ने नदी किनारे बसे ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे बढ़ते पानी के बीच नदी के किनारे जाने से बचें और बच्चों को भी नदी के आसपास न जाने दें। ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या जलभराव की सूचना तत्काल प्रशासन और राजस्व विभाग को देने के लिए कहा गया है।
राहत और बचाव की तैयारियां तेज
संभावित बाढ़ से निपटने के लिए तहसील प्रशासन ने राहत एवं बचाव की तैयारियों को भी सक्रिय कर दिया है। राजस्व टीमों को अलर्ट रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन की प्राथमिकता नदी किनारे बसे ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना दें।