छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने अब अपना रौद्र रूप ले लिया है। हालात ऐसे है कि करीब 20 साल बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
Bilaspur Heavy Rain: बिलासपुर में बाढ़ जैसे हालात, सब कुछ जलमग्न, ट्रेनें रद्द |
Bilaspur Heavy Rain: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने अब अपना रौद्र रूप ले लिया है। हालात ऐसे है कि करीब 20 साल बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। शहर में जल भराव के चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। बताया जा रहा है कि बिलासपुर के कई वीआईपी इलाकों से लेकर निचली बस्तियों में पानी भर गया है। भारी बारिश के चलते जिला प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है। तो वही रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के चलते 5 मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा 3 एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है।
24 घंटे में रिकॉर्ड बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, बिलासपुर जिले में बीते 24 घंटे के अंदर करीब 74.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश का सबसे ज्यादा कहर सीपत क्षेत्र में बरपा है। यहां रिकॉर्ड 110.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। भारी बारिश के चलते अरपा नदी सहित जिले की कई नदी और नाले उफान पर हैं।
SDRF ने संभाला मोर्चा
शहर के सरकंडा और चांटीडीह जैसे निचले क्षेत्रों में पानी भरने से चीख पुकार मच गई है। जिसके चलते राज्य आपदा मोचन बल की टीम ने दो नावों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। वही, दोमुहानी में भी 10 से ज्यादा मकान पानी से घिर गए, जहां फंसे परिवारों को सुरक्षित निकाला जा रहा है।
कलेक्टर बंगले में घुसा पानी
लगातार हो रही बारिश के दबाव के चलते अरपा चेक डैम की मुख्य नहर टूट गई। इसके चलते देवरीखुर्द और मानिकपुर समेत आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया। इतना ही नही बिलासपुर कलेक्टर के सरकारी बंगले के अंदर तक पानी भर गया, जिसके बाद नगर निगम की टीमों को पंपिंग मशीनों से पानी को बाहर निकाला।
भरा पानी, बिजली गुल
शहर के कई बिजली सब-स्टेशनों और ट्रांसफॉर्मरों के पानी में डूबने की से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। कई इलाकों में अंधेरा हो गया है। बिलासपुर जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस और SDRF की टीमें हाई अलर्ट मोड पर हैं।