राजधानी भोपाल में वर्षा योग चातुर्मास कर रहे आचार्य समयसागर महाराज के दर्शनार्थ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत पहुंचे।
Dr. Mohan Bhagwat Bhopal: भोपाल में आचार्य समयसागर महाराज से हुई RSS सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की मुलाकात |
Dr. Mohan Bhagwat Bhopal: राजधानी भोपाल में वर्षा योग चातुर्मास कर रहे आचार्य समयसागर महाराज के दर्शनार्थ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आचार्य समयसागर महाराज को श्रीफल समर्पित किया। साथ ही, विभिन्न सामाजिक, आध्यात्मिक एवं राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा की। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के केंद्रीय, क्षेत्र एवं प्रदेश स्तर के अधिकारी भी उपस्थित रहे। आचार्य समयसागर महाराज के सान्निध्य में हुए इस संवाद में समाज सेवा, शिक्षा, स्वावलंबन, जीवदया और भारतीय संस्कृति के संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
सेवा, स्वावलंबन और संस्कारों के प्रकल्पों पर चर्चा
संवाद के दौरान आचार्य समयसागर महाराज द्वारा प्रेरित विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी प्रकल्पों की चर्चा हुई। दयोदय गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास, हथकरघा केंद्रों के माध्यम से श्रमिकों को रोजगार एवं स्वावलंबन से जोड़ने की पहल, प्रतिभास्थली शिक्षण संस्थान, आयुर्वेदिक चिकित्सालय तथा देश के विभिन्न स्थानों पर निर्मित हो रहे भव्य पाषाण जिनालय प्रमुख रहे। इन प्रकल्पों के माध्यम से जीवदया, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कारयुक्त शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, श्रम की गरिमा और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण उद्देश्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
आचार्य विद्यासागर महाराज का भावपूर्ण स्मरण
इस संवाद का एक भावुक क्षण वह रहा, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आचार्य विद्यासागर महाराज का भावपूर्ण स्मरण किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरि तीर्थ में गुरुवर के अंतिम दर्शन से जुड़ी अपनी स्मृतियां भी साझा कीं। आचार्य विद्यासागर महाराज का जीवन त्याग, तपस्या, करुणा, स्वदेशी, स्वावलंबन और मानव कल्याण के आदर्शों का अनुपम उदाहरण रहा है। उनके द्वारा प्रेरित सेवा कार्य आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
संतों का सान्निध्य समाज को देता है नई दिशा
आचार्य समयसागर महाराज के सान्निध्य में हुआ यह संवाद आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक सेवा, स्वावलंबन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरक प्रसंग रहा। लगभग 1 घंटे तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत अचार्य संघ के चातुर्मास स्थल पर रहे और भोपाल में बन रहे जिनालय को भी देखा। इस मौके पर भोपाल जैन समाज के प्रमुख पदाधिकारी सहित जैन समाज के अन्य कई स्थानों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का शाल श्रीफल और तिलक लगाकर उनका सम्मान किया गया।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख पदाधिकारियों में, अशोक पाण्डे, डॉ राजेश सेठी, सोमकांत उमालकर, स्वप्निल कुलकर्णी, विमल गुप्ता, कैलाश लोवंशी, संतोष मीणा मौजूद रहे। तो वही जैन समाज की ओर से पंकज सुपारी, अध्यक्ष भोपाल जैन समाज, अखिलेश जैन भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष, विनोद बड़जात्या, विद्यासागरोदय समाधीस्थल डोंगरगढ़ अध्यक्ष, डॉ सावन जैन रेशु दमोह, इंजी गौरव जैन, निर्माण समिति सदस्य-कुण्डलपुर आचार्य समाधी स्थल डोंगरगढ़ निर्माण समिति सदस्य, राकेश जैन, प्रभारी निर्माण कमेटी, देवेन्द्र जैन रूचि, मनोज बांगा, प्रमोद जैन सहित अन्य कई प्रमुख समाज के लोग उपस्थित थे।