DM Shashank Chaudhary

DM Shashank Chaudhary: जनशिकायतों पर डीएम सख्त, बोले- कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखे समाधान

जनशिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता निभाकर जिम्मेदारी पूरी करने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं।

By : विकास जैन
DM Shashank Chaudhary: जनशिकायतों पर डीएम सख्त, बोले- कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखे समाधान

DM Shashank Chaudhary: जनशिकायतों पर डीएम सख्त, बोले- कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखे समाधान

बृजेश मिश्रा, अमेठी: जनशिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता निभाकर जिम्मेदारी पूरी करने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण सिर्फ पोर्टल पर दर्ज करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि फरियादी की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान होना जरूरी है। उन्होंने असंतुष्ट फीडबैक वाले विभागों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए।

असंतुष्ट फीडबैक वाले विभागों पर डीएम की नजर

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने उन विभागों के कामकाज पर विशेष ध्यान दिया, जहां शिकायतों के निस्तारण के बाद सर्वाधिक असंतुष्ट फीडबैक मिल रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से जांच की जाए और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शिकायतों के निस्तारण में ऐसी कोई कमी न रहे, जिससे फरियादियों को बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ें।

समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अनिवार्य

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण किया जाए। कार्रवाई पारदर्शी हो और शिकायतकर्ता को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि उसकी समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने जोर दिया कि शिकायत के निस्तारण की गुणवत्ता ऐसी होनी चाहिए, जिससे आमजन को वास्तविक राहत मिल सके।

लापरवाही और देरी पर बर्दाश्त नहीं होगी ढिलाई

जिलाधिकारी ने कहा कि जनशिकायतों का प्रभावी समाधान शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में अधिकारी शिकायतों की नियमित समीक्षा करें और लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, अनावश्यक देरी या महज औपचारिकता निभाने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने की हिदायत दी गई।

फरियादियों को राहत दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी

आईजीआरएस व्यवस्था का उद्देश्य आमजन की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका समाधान कराना है। ऐसे में शिकायतकर्ता का असंतुष्ट रहना निस्तारण प्रक्रिया की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करता है। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योति सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अब संबंधित विभागों की कार्यशैली में सुधार और शिकायतों के वास्तविक समाधान पर प्रशासन की निगाह रहेगी।

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