छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। सोमवार को कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। रविवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई, जबकि उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। सोमवार को एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा।
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब अच्छी तरह चिह्नित कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया है। अगले 24 घंटे में इसके और मजबूत होकर अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
कई जिलों में झमाझम बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। भैसमा और लवन में सबसे ज्यादा 90-90 मिमी बारिश दर्ज की गई। ओडगी में 80 मिमी, कोटाडोल में 70 मिमी और बेरला, सिमगा व थानखमरिया में 60-60 मिमी बारिश हुई। छाल और मनेंद्रगढ़ में 50-50 मिमी पानी गिरा। पामगढ़, पिपरिया, कुनकुरी, शंकरगढ़, सक्ती, बलौदाबाजार और साल्हेवारा में 40-40 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा तिल्दा, दर्री, सुहेला, नांदघाट, कटघोरा, लैलूंगा, पेंड्रारोड, भाटापारा, सहसपुर लोहारा, कसडोल, हरदीबाजार और कोंटा समेत कई अन्य स्थानों पर भी बारिश हुई।
रायपुर में सामान्य से 3.6 डिग्री नीचे रहा तापमान
बारिश और दिनभर छाए बादलों के कारण रायपुर में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 26.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.6 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रायपुर में सुबह सापेक्ष आर्द्रता 92 प्रतिशत और शाम को 93 प्रतिशत रही। शहर में सुबह 8:30 बजे तक 3.2 मिमी और शाम 5:30 बजे तक 9 मिमी बारिश दर्ज की गई।
सोमवार को भी बारिश के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को रायपुर में आसमान में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे। कुछ दौर में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। शहर का अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश के बीच लोगों को वज्रपात के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। प्रदेश में अब तक मौसमी वर्षा सामान्य से 9 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।