बैतूल जिले की आमला तहसील में शासकीय नियमों की अनदेखी करने वाले चार पटवारियों पर गाज गिरी है। आमला स्थित बेशकीमती व्यावसायिक भूमि को रिश्तेदारों के नाम पर...
Four Patwaris suspended: बैतूल जिले की आमला तहसील में शासकीय नियमों की अनदेखी करने वाले चार पटवारियों पर गाज गिरी है। आमला स्थित बेशकीमती व्यावसायिक भूमि को रिश्तेदारों के नाम पर खरीदने और शासन को लाखों रुपये की स्टाम्प ड्यूटी का चूना लगाने के मामले में कलेक्टर सौरभ संजय सोनवणे ने बड़ा एक्शन लिया है। कलेक्टर ने चारों पटवारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित पटवारियों में आनंदराव मोहबे, सुरेंद्र मस्की, नितेश पवार और सागर राठौर शामिल हैं। निलंबन के साथ ही चारों के खिलाफ जांच भी कराने की बात कही है।
स्टाम्प ड्यूटी चोरी का मामला
पूरा मामला आमला मेन रोड स्थित एक कीमती व्यावसायिक भूमि से जुड़ा है। आरोप है कि संबंधित पटवारियों ने शासकीय अनुमति के बिना भूमि का आवासीय प्रयोजन के लिए डायवर्जन दर्शाया। इसके बाद करोड़ों रुपये मूल्य की इस जमीन को कथित तौर पर अपने सगे-संबंधियों और रिश्तेदारों के नाम पर रजिस्ट्री करवा लिया। इस पूरी हेराफेरी में भूमि के वास्तविक मूल्यांकन को छुपाकर शासन को लाखों रुपये की स्टाम्प ड्यूटी का नुकसान पहुंचाया गया।
जांच में खुली पोल
मामला संज्ञान में आते ही अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार आमला द्वारा मामले की जांच कराई गई। जांच टीम ने भूमि के राजस्व अभिलेखों, क्रय-विक्रय की प्रक्रियाओं और आवश्यक अनुमतियों के दस्तावेजों की पड़ताल की। जांच में नियमों के उल्लंघन और दुरुपयोग के तथ्य प्रमाणित होने के बाद चारों पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि, प्रशासन के अनुसार उनका जवाब पूरी तरह असंतोषजनक पाया गया।
विस्तृत जांच जारी
जिला प्रशासन ने सरकारी सेवा में रहते हुए भूमि संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन करने और पद का दुरुपयोग करने को गंभीर माना है। कलेक्टर के आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान चारों पटवारियों के खिलाफ जांच जारी रहेगी। इसमें भूमि क्रय-विक्रय की पूरी प्रक्रिया, शासकीय राजस्व की हुई क्षति और पटवारियों की संलिप्तता की जांच की जाएगी।