बालाघाट में एसपी के गुप्त ड्रोन प्लान से रेत माफिया पर बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से सात ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर अवैध खनन नेटवर्क को सख्त संदेश दिया।
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ पुलिस ने सीक्रेट ऑपरेशन करते हुए माफिया नेटवर्क को झटका दिया है। एसपी आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में तैयार किए गए गुप्त ‘ड्रोन प्लान’ के तहत बैनगंगा नदी के गोंगलईघाट क्षेत्र में यह ऑपरेशन चलाया गया। इस पूरी कार्रवाई की खास बात यह रही कि इसे बेहद गोपनीय रखा गया, यहां तक कि संबंधित थाने के टीआई को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।
ड्रोन से निगरानी, फिर एक साथ कई टीमों का छापा
शनिवार सुबह शुरू हुए इस ऑपरेशन में सबसे पहले ड्रोन के जरिए अवैध खनन और परिवहन पर नजर रखी गई। जैसे ही गतिविधि की पुष्टि हुई, पुलिस की छह विशेष टीमें अलग-अलग दिशाओं से मौके पर पहुंचीं और एक साथ छापा मारा। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से रेत माफिया से जुड़े लोग मौके से ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर फरार हो गए।
साइबर सेल की मदद से तकनीकी सटीकता के साथ ऑपरेशन
इस कार्रवाई में साइबर सेल की विशेष टीम को भी शामिल किया गया, जिसने लोकेशन ट्रैकिंग और निगरानी में अहम भूमिका निभाई। हर टीम में प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जिससे पूरा ऑपरेशन तेजी और सटीकता के साथ पूरा किया जा सका। पुलिस ने मौके से सात ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए और उन्हें खुद चलाकर थाने तक पहुंचाया।
अवैध रेत कारोबार पर बढ़ती सख्ती
बालाघाट जिले में नदियों और वन क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। रेत की गुणवत्ता के कारण इसकी मांग अन्य जिलों और महाराष्ट्र तक रहती है, जिससे यह कारोबार और अधिक संगठित होता गया है। हालांकि प्रशासन लगातार इस पर कार्रवाई कर रहा है, लेकिन यह नेटवर्क अब भी चुनौती बना हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट की चिंता
हाल ही में अवैध खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी सख्त टिप्पणी की गई थी, जिसमें राज्यों को इस पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए थे।