अमेरिका के वेनेजुएला हमले के बाद क्या हुआ, दुनिया की प्रतिक्रिया

अमेरिका के वेनेजुएला हमले के बाद क्या हुआ, दुनिया की प्रतिक्रिया
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अमेरिका के वेनेजुएला पर हमले और मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दुनिया भर में विरोध, तनाव और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

नई दिल्लीः अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पत्नी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के चलते इंटरनेशनल लेवल पर भारी हलचल देखने को मिल रही है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल देश का प्रशासन अमेरिका के नियंत्रण में रहेगा। मादुरो की गिरफ्तारी का सबूत देते हुए ट्रंप ने मादुरो की हथकड़ी और आंखों पर पट्टी बांधे एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें उन्हें एक अमेरिकी युद्धपोत पर दिखाया गया।

राष्ट्रपति के ऐसे गिरफ्तार होने के बाद से जहां जनता आगे की स्थिति को लेकर परेशान है। वहीं, इस घटना में अलग-अलग देशों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। टिन अमेरिका, यूरोप, रूस और चीन समेत कई देशों ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों की निंदा की और तनाव कम करने की अपील की है।

कराकस में हालात और हताहत

अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला की राजधानी कराकस में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, सैन्य कार्रवाई में कम से कम 40 लोगों की मौत हुई है। नागरिक इलाकों में हिंसा और अफरा-तफरी की खबरें सामने आ रही हैं।

मादुरो के साथ क्या हुआ

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को वेनेजुएला में गिरफ्तार करने के बाद हेलीकॉप्टर के जरिए न्यूयॉर्क के मैनहट्टन लाया गया, जहां उन्हें भारी सुरक्षा वाले बख्तरबंद काफिले में ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के दफ्तर ले जाया गया। मादुरो पर ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म से जुड़े गंभीर आरोप बताए जा रहे हैं।

अतंरिम राष्ट्रपति का अमेरिका के खिलाफ सख्त रुख

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने का ऐलान किया। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है और वह अमेरिका के साथ सहयोग करेंगी। हालांकि, डेल्सी रोड्रिगेज ने टीवी संबोधन में इस दावे को खारिज करते हुए मादुरो की तत्काल रिहाई और ‘प्रूफ ऑफ लाइफ’ की मांग की। इतना ही नहीं उन्होंने अमेरिका को आक्रमणकारी करार दिया।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अमेरिकी कार्रवाई की लैटिन अमेरिका, यूरोप, रूस और चीन सहित कई देशों ने कड़ी निंदा की है। अधिकांश देशों ने इसे एकतरफा सैन्य हस्तक्षेप बताते हुए तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।

चीन ने सबसे सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका मादुरो और उनकी पत्नी की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उन्हें तुरंत रिहा करे। चीन ने वेनेजुएला की सरकार को गिराने के प्रयास बंद करने और संवाद के रास्ते पर लौटने की मांग की।

भारत और अमेरिका के भीतर विरोध

भारत में भी इस कार्रवाई का विरोध देखने को मिला। दिल्ली में सीपीआई-एम ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने इसे 'आक्रामक और कपटपूर्ण हमला' बताते हुए इसकी निंदा की।अमेरिका के भीतर भी विरोध के स्वर उठे हैं। लॉस एंजिल्स की मेयर करेन बास ने इस विशेष सैन्य अभियान को लापरवाही भरा फैसला बताया और कहा कि इससे अराजकता और हिंसा बढ़ सकती है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने इसे किसी संप्रभु देश पर एकतरफा हमला करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रपति ट्रंप से सीधे बातचीत की है।

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