₹2000 रुपये के नोटों पर RBI का अपडेट, 98% लौटे फिर भी 5669 करोड़ बाकी

नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बार फिर से 2000 रुपये के गुलाबी नोटों के बारे में स्थिति स्पष्ट की है। रिजर्व बैंक के नए आंकड़ों के अनुसार, जिन 2000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया था, उनमें से लगभग 98.41 प्रतिशत वापस बैंकिंग प्रणाली में आ चुके हैं। इसका मतलब है कि अधिकांश लोगों ने अपने पास मौजूद बड़े नोटों को जमा करा दिया है या बदलवा लिया है, लेकिन यह पूरी कहानी अभी तक समाप्त नहीं हुई है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया है कि जब उन्होंने 19 मई 2023 को 2000 रुपये के नोटों को वापस लेने की घोषणा की थी, उस समय सर्कुलेशन में इनकी कुल वैल्यू 3.56 लाख करोड़ रुपये थी। लेकिन अब 31 दिसंबर 2025 तक यह रकम घटकर केवल 5,669 करोड़ रुपये रह गई है। इसका साफ मतलब यह है कि 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के नोट अभी भी लोगों के पास मौजूद हैं और इनकी वापसी की रफ्तार काफी धीमी हो गई है।
कानूनी रूप से मान्य हैं नोट
यदि आपके घर या लॉकर में अभी भी 2000 रुपये के नोट रखे हुए हैं, तो चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। रिजर्व बैंक ने कई बार स्पष्ट किया है कि 2000 रुपये का नोट अभी भी कानूनी रूप से स्वीकार्य है। इसका अर्थ है कि आप इसे रख सकते हैं और इसका उपयोग कर सकते हैं बिना किसी जुर्माने के डर के। यह कदम नोटबंदी की तरह नहीं था, बल्कि यह मुद्रा प्रबंधन के लिए उठाया गया एक कदम था।
मई 2023 में, भारतीय रिजर्व बैंक ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। यह फैसला इसलिए लिया गया था क्योंकि 2000 रुपये के नोट का उपयोग रोजमर्रा के लेन-देन में बहुत कम हो रहा था। इसके अलावा, छोटे मूल्य के नोटों और सिक्कों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए, यह निर्णय लिया गया कि 2000 रुपये के नोट को धीरे-धीरे परिसंचरण से हटा दिया जाएगा।
बाजार में घटी नोटों की संख्या
कानूनी रूप से, 2000 रुपये का नोट आज भी दुकानों, व्यापारियों और आम लोगों के लिए भुगतान के लिए मान्य है। लेकिन, बैंकों ने इन नोटों को जारी करना बंद कर दिया है। इसलिए बाजार में इनकी संख्या तेजी से घटी है। इसी वजह से कई बार दुकानदार इन्हें लेने में हिचकिचाते नजर आते हैं, भले ही कानून इसकी इजाजत देता हो।
बैंकों में 2 साल पहले बंद हो गई थी सुविधा
शुरुआत में लोगों को 7 अक्टूबर 2023 तक सभी बैंक शाखाओं में 2000 रुपये के नोट जमा करने या बदलने की सुविधा दी गई थी। इसके बाद यह सुविधा बंद कर दी गई। हालांकि, लोगों के पास अभी भी विकल्प हैं। अब भी रिजर्व बैंक के 19 कार्यालयों में इन नोटों को बदला जा सकता है या जमा किया जा सकता है।
यहां बदल सकते हैं 2000 के नोट
इन आरबीआई दफ्तरों में अहमदाबाद, बेंगलुरु, भोपाल, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, नई दिल्ली, लखनऊ, पटना, जयपुर, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम जैसे शहर शामिल हैं। इसके अलावा लोगों की सहूलियत के लिए इंडिया पोस्ट के जरिए डाक से नोट भेजकर बदलवाने की सुविधा भी दी गई है।
आरबीआई के आंकड़े यह जरूर बताते हैं कि 2000 रुपये का नोट अब लगभग इतिहास बन चुका है, लेकिन कुछ हजार करोड़ की रकम अब भी सिस्टम से बाहर है—और शायद यही वजह है कि केंद्रीय बैंक इसकी निगरानी अब भी कर रहा है।
