लोकसभा में हंगामा: आखिर क्या ऐसा बोले दिए राहुल गांधी, बंद करना पड़ गया उनका माइक?

लोकसभा में हंगामा: आखिर क्या ऐसा बोले दिए राहुल गांधी, बंद करना पड़ गया उनका माइक?
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लोकसभा में राहुल गांधी के बयान से सदन में बवाल मच गया, परेशान होकर अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल का माइक बंद कर दिया।

सोमवार को लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में डोकलाम और चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें तुरंत टोका। हंगामे के कारण स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। जानें सदन में क्या बोले राहुल गांधी?

सोमवार 2 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण ने सदन का माहौल गर्मा दिया। जिसमें राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की एक किताब का हवाला देते हुए लद्दाख सीमा पर चीनी टैंकों की मौजूदगी का दावा किया। जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया।

अमित शाह और राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को क्यों टोका?

राहुल गांधी के इस बयान के बाद पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री अमित शाह ने इसपर आपत्ति जताई, क्योंकि जिस किताब का उन्होंने ज़िक्र किया था वह किताब अभी तक पब्लिश ही नहीं हुई है। राहुल गांधी ने सदन में कहा, डोकलाम में चीनी टैंक भारत की सीमा में पहुंच गए थे। मैं यह बात एक मैगजीन के आर्टिकल के हवाले से कह रहा हूं। जिसको लेकर विवाद बढ़ गया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हस्तक्षेप (Interference) करना पड़ा और नियमों का हवाला देते हुए राहुल गांधी को रोक दिया गया। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।

46 मिनट बोले राहुल, लेकिन हंगामा नहीं थमा

राहुल गांधी करीब 46 मिनट तक अपनी बात रखने की कोशिश करते रहे। हालांकि, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच लगातार नोकझोंक होती रही। हालात को देखते हुए अध्यक्ष ने पहले लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक स्थगित की। कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद फिर हंगामा हुआ और सदन को शाम 4 बजे तक टाल दिया गया। लेकिन शाम को भी सदन शुरू होने के बाद हंगामा नहीं रुका तो सदन की कार्यवाही को कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

क्या बोले राहुल गांधी?

राहुल गांधी ने सदन में एक मैगजीन में प्रकाशित आर्टिकल में पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब का हवाला दिया है। जिसमें उन्होंने दावा किया कि डोकलाम-लद्दाख क्षेत्र में चार चीनी टैंक भारतीय सीमा के बेहद करीब पहुंच गए थे। राहुल ने कहा कि यह जानकारी पूरी तरह प्रामाणिक (authentic) है और देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

सरकार की आपत्ति

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी से पूछा कि जिस किताब का हवाला दिया जा रहा है, क्या वह प्रकाशित हुई है या नहीं। उन्होंने कहा कि अप्रकाशित किताब या अप्रमाणित स्रोत का उल्लेख संसद की कार्यवाही में नहीं किया जा सकता। गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि किसी मैगजीन की रिपोर्ट को पूर्व सेना प्रमुख का आधिकारिक बयान नहीं माना जा सकता।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि सदन में केवल प्रकाशित और प्रमाणिक दस्तावेज ही रखे जा सकते हैं। इसके बाद राहुल गांधी का माइक बंद करने का निर्देश दिया गया।

विपक्ष का समर्थन

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि चीन से जुड़ा मामला संवेदनशील जरूर है, लेकिन अगर यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है तो इस पर चर्चा की जानी चाहिए। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अध्यक्ष द्वारा रूलिंग दिए जाने के बाद भी नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।

अप्रकाशित है नरवणे की किताब

राहुल गांधी जिस आत्मकथा का हवाला दे रहे हैं। उसका नाम ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ है। जिसे पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे ने लिखा है। यह किताब अभी तक ऑफिशियल रूप से पब्लिश नहीं हुई है। हालांकि, इसके कुछ अंश एक मैगजीन में प्रकाशित होने का दावा किया गया है। जानकारी के अनुसार जनरल नरवणे पहले ही बता चुके हैं कि किताब को प्रकाशन के लिए सौंपा गया है और यह रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के अधीन है।

कांग्रेस ने मैगजीन में छपे लेख के दो पन्ने साझा किए हैं। जिनमें अगस्त 2020 के दौरान पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन तनाव के घटनाक्रम का जिक्र है। इसमें बताया गया है कि किस तरह चीनी टैंक भारतीय ठिकानों के नजदीक तक पहुंच गए थे और उस समय सैन्य स्तर पर क्या फैसले लिए गए।

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