Top
Home > राज्य > अन्य > नई दिल्ली > पुलवामा आतंकी हमला बनने लगा सियासी मुद्दा

पुलवामा आतंकी हमला बनने लगा सियासी मुद्दा

पुलवामा आतंकी हमला बनने लगा सियासी मुद्दा

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ( सीआरपीएफ) पर 14 फरवरी को हुए आत्मघाती हमले के बाद मीडिया में अपील होने लगी कि इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। लेकिन हर राजनीतिक दल अपने-अपने हिसाब से इसे मुद्दा बनाने लगे हैं। तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी ने कहा, " हम इस पर राजनीति नहीं करना चाहते। लेकिन हमे कुछ सवाल तो कचोट ही रहा है। पठानकोट हमले के बाद इतना भीषण आतंकी हमला कैसे हुआ। बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह खुफिया फेल्योर था। कैसे सुरक्षाकर्मियों से भरी इतनी बसें एक साथ चल रही थीं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार क्या कर रहे थे ? ममता ने कहा , "लोग भी पूछ रहे हैं और हम भी पूछ रहे हैं|हमले के बाद सब खामी क्यों सामने आई, क्यों नहीं हमले के पहले सुरक्षा के प्रति गंभीर रहे?" उन्होंने कहा , "इसमें रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय की भी महत्वपूर्ण भूमिका है"। ममता ने "वंदे मातरम" ट्रेन को पहले से निर्धारित दिन 15 फरवरी को नई दिल्ली स्टेशन से वाराणसी के लिए प्रधानमंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाने पर भी ऐतराज जताया। कहा , "हमने सुना कि प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को एक रेलवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। लेकिन मैं पूछना चाहती हूं क्यों किया?" क्यों देश में तीन दिन का शोक नहीं है? क्या हम केवल तभी शोक मनायेंगे जब कोई राजनीतिक व्यक्ति मरेगा?"

इधर कांग्रेसी नेता भी इस तरह के सवाल उठाने लगे हैं। उनमें से कई का कहना है कि प्रधानमंत्री हर बात पर राजनीति करते हैं। हर मंच पर राजनीतिक भाषण देते हैं और हर चीज का राजनीतिक इस्तेमाल करते हैं। हर मुद्दे को अपने राजनीतिक लाभ के लिए भुनाते हैं। वह जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तभी से कश्मीर पर राजनीति कर रहे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में तो सैनिकों की शहादत तक को चुनावी मुद्दा बना लाभ लिया था। सर्जिकल स्ट्राइक का चुनावी फायदा लेने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उस पर फिल्म के मार्फत चुनावी लाभ लेने की कोशिश हो रही है। सो, कांग्रेस भी जनता को असलियत बताकर जागरूक करने का काम करेगी। इधर मीडिया, सोशल मीडिया में भी वह सब बातें सामने आने लगी हैं जो अपने जीने के आसरा बेटों, पतियों, पिता को खो देने वाले पिता-मां,पत्नियां, बेटे-बेटियां, परिजन कह रहे हैं। एक शहीद के परिजन ने कहा कि एक इंच सीना कम होने पर सेना/ सीआरपीएफ में भर्ती नहीं किया जाता है| हमारे लाडले का शरीर एक फीट कम करके वापस किया जा रहा है। इस तरह शहीद परिवार के लोग जो कह रहे हैं वह सबके सामने आ रहा है। इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने तरीके से राजनीति करने लगे हैं।

Updated : 16 Feb 2019 12:24 PM GMT
Tags:    

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Next Story
Share it
Top