नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के 400 से ज्यादा स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला पुलिस की गिरफ्त में है। बताया जा रहा है कि, इस आरोपी के तार अफजल गुरु से जुड़े हैं। दिल्ली पुलिस ने बताया है कि, आरोपी ने 400 से ज्यादा स्कूलों को ई-मेल लिखकर बम से उड़ाने की धमकी दी थी।
पुलिस द्वारा बताया गया है कि, आरोपी लड़के का परिवार एक NGO से जुड़ा है। यह एनजीओ किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ है। इस संगठन ने संसद हमले के आरोपी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने का विरोध किया था। आरोपी की गिरफ्तारी का खुलासा पुलिस द्वारा मंगलवार को किया गया है।
पुलिस द्वारा बताया गया कि, साइबर टीम ने बहुत कोशिशों के बाद आरोपी को ट्रेस किया है। बीते दिनों आरोपी ने ईमेल के द्वारा कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी थी जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच में किसी स्कूल से कोई बम या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई थी। इन सबसे स्पष्ट था कि, कोई शरारती तत्व इस तरह की झूठी धमकी भरा ईमेल भेज रहा है।
दिल्ली के स्कूलों में बम की धमकियों पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "दिल्ली के विभिन्न स्कूलों में धमकियां एक किशोर द्वारा भेजी गई थीं... जांच के बाद पता चला कि उनके माता-पिता और अभिभावक कुछ एनजीओ से जुड़े हुए हैं जो अफजल गुरु की फांसी का विरोध करने जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं... अगर एक किशोर खुद ऐसा कर रहा है, तो उसे किस तरह की शिक्षा मिल रही है? या फिर वह सिर्फ एक मोहरा है और उसके माता-पिता और एनजीओ अपने राजनीतिक लाभ के लिए दिल्ली में माहौल और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं...?"
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा, "हम सभी जानते हैं कि आप के ऐसे एनजीओ से गहरे संबंध हैं, जिन्होंने अफजल गुरु की फांसी का विरोध किया है। फरवरी 2015 में अफजल गुरु की बरसी पर 'टुकड़े-टुकड़े' के नारे लगे और आप ने महीनों तक फाइल बंद रखी...इन एनजीओ के लोग कौन हैं और क्या इनका आम आदमी पार्टी से संबंध है?...दिल्ली की सीएम आतिशी के माता-पिता दोनों ने अफजल गुरु की क्षमा याचिका का समर्थन किया था। इन दोनों के बीच सीधा संबंध लगता है...क्या इसमें आप शामिल है?...मैं अरविंद केजरीवाल से कहता हूं कि वे सामने आएं और आप स्पष्ट करें कि उनका इन लोगों से क्या संबंध है...नाबालिग बच्चे ऐसा कर रहे हैं, तो ये एनजीओ देश के बच्चों के दिमाग में किस तरह का जहर भर रहे हैं?...हम आप से इसका स्पष्ट जवाब चाहते हैं। अगर वे स्पष्ट जवाब नहीं देते हैं, तो इससे संदेह और गहरा होता है।"