Top
Home > राज्य > अन्य > नई दिल्ली > लॉकडाउन : रामायण-महाभारत के प्रसारण से DD के 40000 फीसदी बढ़ गए दर्शक

लॉकडाउन : रामायण-महाभारत के प्रसारण से DD के 40000 फीसदी बढ़ गए दर्शक

लॉकडाउन : रामायण-महाभारत के प्रसारण से DD के 40000 फीसदी बढ़ गए दर्शक

नई दिल्ली। लॉकडाउन के दौरान घरों में बंद लोगों के लिए रामायण-महाभारत और 90 के दशक के क्लासिक कार्यक्रमों की दूरदर्शन पर वापसी समय काटने का अच्छा जरिया बन गए हैं। इसका फायदा जहां दर्शकों को हो रहा है तो दूरदर्शन को भी इससे बहुत फायादा है। ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल के मुताबिक, दूरदर्शन अब भारत में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला चैनल बन गया है। BARC ने कहा कि इन कार्यक्रमों की वजह से शाम और सुबह के बैंड में दूरदर्शन के दर्शकों की संख्या में लगभग 40,000 फीसदी का उछाल आया है।

हिंदू पौराणिक कथाओं की सीरीज रामायण से शुरू करके, डीडी ने महाभारत, शक्तिमान और बुनियाद जैसे अन्य क्लासिक्स सीरियल के जरिए लोगों का मनोरंजन कर रहा है। इनमें से ज्यादातर कार्यक्रम तब टेलिकास्ट हुए जब देश में टीवी प्रसारण पर डीडी का ही एकाधिकार था।

BARC ने डीडी के उभरने के लिए रामायण और महाभारत के प्रसारण को शीर्ष पर रखा, जबकि अन्य कार्यक्रमों ने भी चुनिंदा समय स्लॉट में चैनल की स्थिति को बेहतर बनाने में मदद की। बता दें कि कोरोना के कहर के चलते दुनिया का एक तिहाई हिस्सा लॉकडाउन है। इस कड़ी में भारत भी पूरी तरह लॉकडाउन है।

गौरतलब है कि चीन से फैले कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में तबाही मची है। भारत में लगातार कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला बढ़ता ही जा रहा है। देश में पिछले 24 घंटे में 1035 मामले सामने आने के बाद कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 7,447 हो गई है। वहीं, पिछले 24 घंटे में कोरोना से 40 लोगों की मौत हुई है, जिससे कोविड-19 महामारी मरने वालों का आंकड़ा 239 पहुंच गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस के कुल 7,447 मामलों में से 6565 एक्टिव केस हैं। इसके अलावा, 642 लोग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस से सर्वाधिक 110 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई। यहां अब इस महामारी से पीड़ितों की संख्या 1872 हो गई है।

Updated : 11 April 2020 10:35 AM GMT
Tags:    

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Next Story
Share it
Top