Kamal Death Case: राहुल गांधी का दिल्ली सरकार पर हमला, एक्सईएन-एई सहित तीन अधिकारी निलंबित

Kamal Death Case: राहुल गांधी का दिल्ली सरकार पर हमला, एक्सईएन-एई सहित तीन अधिकारी निलंबित
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जनकपुरी गड्ढा हादसे में युवक कमल की मौत पर राहुल गांधी ने दिल्ली सरकार को घेरा, कहा– यह हादसा नहीं, जवाबदेही से भागती सत्ता की हत्या है।

दिल्ली। जनकपुरी में जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरने से युवक कमल चंदानी की मौत का मामला अब सिर्फ हादसा नहीं रहा। इस घटना ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखते हुए कहा कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है और इसके लिए जिम्मेदार वह सत्ता है जो जवाबदेही से भागती रहती है।

‘यह हादसा नहीं, हत्या है’

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा हिंदुस्तान में फैली लालच और लापरवाही की महामारी आज फिर एक युवा की जान ले गई। एक बेटा, एक सपना, मां-बाप की पूरी दुनिया एक झटके में उजड़ गई। यह हादसा नहीं, हत्या है, और हत्यारी है जवाबदेही से भागती सत्ता। उन्होंने आगे कहा असली कातिल सड़क नहीं, गैरजिम्मेदार सत्ता है। क्योंकि यहां न इस्तीफा होता है, न सजा मिलती है, न किसी की अंतरात्मा जागती है। राहुल गांधी ने इंदौर के जहरीले पानी, नोएडा में युवराज की मौत, गिरते पुल, टकराती ट्रेनें और प्रदूषण का जिक्र करते हुए कहा कि देश में जवाबदेही की पूरी व्यवस्था ही ढह चुकी है।


मामले में प्रशासनिक कार्रवाई

इस घटना के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई शुरू हुई है। जल बोर्ड के काम से जुड़े एक्सईएन, एई और जेई को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों पर आरोप है कि गड्ढा खोदने के बाद वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी शरद भास्कर ने बताया जलबोर्ड के काम के लिए गड्ढा खोदा गया था। उसी में बाइक गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई है। किसकी लापरवाही रही, इसकी जांच की जा रही है।

क्या है पूरा मामला

कमल चंदानी गुरुवार रात करीब 10 बजे रोहिणी स्थित एक निजी बैंक की शाखा से ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान जनकपुरी के पास सड़क पर मौजूद गहरे गड्ढे में उसकी बाइक गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अगर सड़क पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या लाइट की व्यवस्था होती, तो यह हादसा टल सकता था। परिवार ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के भाई का कहना है कि पुलिस ने उन्हें केवल आखिरी लोकेशन बताई, लेकिन ढूंढने में कोई मदद नहीं की। भाई ने कहा हम पूरी रात उसे ढूंढते रहे। अगर समय रहते मदद मिलती तो शायद मेरा भाई बच सकता था। वह कोई पागल नहीं था कि जानबूझकर गड्ढे में बाइक गिरा दे।

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