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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की हड़ताल में शामिल हुआ एम्स, राजस्थान में भी असर

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की हड़ताल में शामिल हुआ एम्स, राजस्थान में भी असर

नई दिल्ली/राजस्थान। डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन और हड़ताल देश भर में बड़ा रूप लेने जा रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सोमवार से डॉक्टरों की देशव्यापी हड़ताल बुलाई है।

डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर इंडियन मेडिकल असोसिएशन की ओर से बुलाई देशव्यापी हड़ताल में अब एम्स के डॉक्टर भी शामिल हो गए हैं।

पहले एम्स ने इस हड़ताल से खुद को अलग रखने का ऐलान किया था। देशभर के सभी अस्पतालों में 24 घंटे के लिए इमर्जेंसी की सेवा छोड़ सभी सेवाओं को बंद रखा जाएगा। इसके चलते मरीजों को एक बार फिर से भटकना पड़ सकता है। इंडियन मेडिकल असोसिएशन के आह्वान पर करीब 5 लाख डॉक्टरों की हड़ताल है। इस हड़ताल में दिल्ली मेडिकल असोसिएशन से जुड़े 18,000 डॉक्टर भी शामिल हो गए हैं।

UPDATE....

- देश भर के सरकारी डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट कल सुनवाई करेगा।

- झारखंड में राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रांची में डॉक्टरों ने हिंसा का विरोध किया।

- कोलकाता के डॉक्टरों के समर्थन में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ओडिशा के भुवनेश्वर में भी डॉक्टर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

- केरल में निजी और राजकीय दोनों अस्पतालों के डॉक्टर भी सांकेतिक हड़ताल पर हैं।

- राजस्थान के जयपुर स्थित जयपुरिया हॉस्पिटल में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते ओपीडी खाली पड़ी हैं।

- दिल्ली के सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया जैसे बड़े अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

इस हड़ताल से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने खुद को अलग रखा है। एम्स की ओर से जारी की गई एक प्रेस रिलीज़ में इसकी जानकारी दी गई।

एम्स की ओर से कहा गया है कि वह सोमवार सुबह 9 बजे से काम पर लौटेंगे। ऑल त्रिपुरा गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन और आईएमए त्रिपुरा ने डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से 24 घंटे के लिए सभी ओपीडी सेवाएं बंद कर दी हैं। वहीं गुजरात के वडोदरा में सियाजी राव जनरल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। यहां इमरजेंसी को छोड़कर ओपीडी समेत सभी वार्ड बंद हैं। सरकारी अस्पतालों के रेजीडेंट डॉक्टरों ने भी आईएमए के समर्थन में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, यूपी, बिहार, एमपी, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, तमिलनाडू और पश्चिम बंगाल सहित सभी राज्यों के रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि सोमवार देर रात कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में 75 वर्षीय एक बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत के बाद उनके परिजनों ने जमकर हंगामा किया था और डॉक्टरों की पिटाई की थी। इसके बाद मंगलवार सुबह सरकारी अस्पतालों में विरोध शुरू हो गया।

जख्मी डॉक्टर को इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के इन्टेंसिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया है। स्थिति में सुधार होने के साथ डॉक्टर को जनरल वार्ड में भर्ती किया गया है और जल्द ही डिसचार्ज कर दिया जाएगा।

Updated : 17 Jun 2019 3:45 AM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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