डिफेंस को बजट 2026 में क्या मिला? ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार सरकार का 'धुरंधर' फैसला

नई दिल्लीः देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद आए इस बजट में भी ऑपरेशन सिंदूर का असर दिया। बजट पेश करने के दौरान भले ही फाइनेंस मिनिस्टर ने डिफेंस का जिक्र ना किया हो। बावजूद इसके रक्षा बजट पिछले बार के मुकाबले 15 परसेंट अधिक है। इस बार डिफेंस बजट 7.85 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछली बार 6.81 लाख करोड़ रुपये था।
दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद और चीन की तरफ से भी खतरे को देखते हुए डिफेंस बजट में 15 पर्सेंट से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है। डिफेंस बजट में पेंशन का खर्चा 1.71 लाख करोड़ रुपये है। यही खर्च मौजूदा वित्त वर्ष में 1.60 लाख करोड़ रुपये था। रिसर्च और डिवेलपमेंट के लिए 17250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो मौजूदा वित्त वर्ष में 14923 करोड़ रुपये था। डिफेंस बजट लगातार बढ़ रहा है लेकिन जीडीपी में डिफेंस बजट का हिस्सा या तो कम ही हो रहा है या लगभग उतना ही है। डिफेंस का कुल बजट जीडीपी का 1.99 पर्सेंट है।
कैपिटल खर्चों के बजट में 22 फीसदी का इजाफा
रक्षा बजट में तीनों सेनाओं के लिए कैपिटल खर्चे को देखें तो इसके लिए बजट करीब 22 फीसदी ज्यादा यानी कुल 2.19 लाख करोड़ रुपये मिले हैं, जो पिछले साल 1.80 लाख करोड़ रुपये था। इस मिले बजट के अधिकतर हिस्से का उपयोग हथियार खरीदने और सेना के मॉर्डनाइजेशन के लिए किया जाएगा। 17 प्रतिशत से अधिक बढ़ाया रेवेन्यू खर्च बजट 2026 में इस बार रेवेन्यू खर्च के लिए इस बार 3.65 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं। यह पिछले साल के मुकाबले 17.24 ज्यादा है। इस बजट का ज्यादातर हिस्सा सैनिकों की सैलरी बांटने में खर्च होता है।
डिफेंस बजट पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
केंद्रीय बजट पेश होने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह बजट जनभावनाओं और जनअपेक्षाओं पर खरा उतरने वाला बजट है। रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के हमारे संकल्प को मजबूत करता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि ये आवंटन पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत से ज्यादा है।
