नई दिल्ली। कांग्रेस राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने दिल्ली में पार्टी के नए मुख्यालय 'इंदिरा भवन' का उद्घाटन किया। इस तरह कांग्रेस का पता 24, अकबर रोड से इंदिरा गांधी भवन, 9A कोटला रोड (Indira Gandhi Bhawan 9A Kotla Road) हो गया है। उद्घाटन के अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद राहुल गांधी और पार्टी के अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद थे।
कांग्रेस का नया दफ्तर भाजपा मुख्यालय से 500 मेग्टर दूर है। इसकी आधारशिला 15 साल पहले दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और इंदिरा गांधी ने रखी थी। लगभग 252 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह कांग्रेस मुख्यालय काफी हाईटेक है और कई मायनों में बेहत महत्वपूर्ण भी है।

कांग्रेस द्वारा कहा गया कि, "इंदिरा भवन, लोकतंत्र, राष्ट्रवाद, धर्म निरपेक्षता, समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की नींव पर बना कांग्रेस का नया मुख्यालय। कांग्रेस के 140 साल पुराने गौरवशाली इतिहास को खुद में संजोए, यहां की दीवारें सत्य, अहिंसा, त्याग, संघर्ष और देश प्रेम की महागाथा बयां कर रही हैं। कांग्रेस एक नई ऊर्जा, एक नए संकल्प और एक नए विश्वास के साथ भारत के उज्जवल भविष्य को गढ़ने, लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने और न्याय का परचम लहराने के लिए तैयार है।"
सरकार पर साधा निशाना :
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "आज जो लोग सत्ता में हैं, वे तिरंगे को सलाम नहीं करते, राष्ट्रीय ध्वज को नहीं मानते, संविधान को नहीं मानते और भारत के बारे में उनका नजरिया हमसे बिल्कुल अलग है। वे चाहते हैं कि भारत को एक छद्म, गुप्त समाज चलाए। वे दलितों, अल्पसंख्यकों, पिछड़ी जातियों और आदिवासियों की आवाज को कुचलना चाहते हैं। यह उनका एजेंडा है और मैं यह भी साफ तौर पर कहना चाहूंगा कि इस देश में कोई दूसरी पार्टी नहीं है जो उन्हें रोक सके। इसका कारण यह है कि हम एक विचारधारा वाली पार्टी हैं और हमारी विचारधारा कल नहीं आई है। हमारी विचारधारा आरएसएस की विचारधारा की तरह हजारों साल पुरानी है और यह हजारों सालों से आरएसएस की विचारधारा से लड़ रही है।"