कर्नल सोफिया अपमान मामला: SC की MP सरकार को फटकार, 2 हफ्ते की दी मोहलत

नई दिल्लीः कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान देने वाले मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि अब माफी मांगने का वक्त निकल चुका है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी को लेकर दो हफ्ते के भीतर स्पष्ट फैसला लिया जाए।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस बात पर नाराजगी जताई कि विशेष जांच दल (SIT) अपनी रिपोर्ट सौंपे हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया। अदालत ने कहा कि यह देरी समझ से परे है।
'अब बहुत देर हो चुकी है'
सुनवाई के दौरान विजय शाह की ओर से वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट को बताया कि मंत्री ने माफी मांग ली है और जांच में सहयोग कर रहे हैं। इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा- 'माफी मांगने में बहुत देर हो चुकी है। इस तरह की माफी पहले भी अदालत के सामने आ चुकी है।' कोर्ट ने यह भी दोहराया कि इससे पहले विजय शाह की सार्वजनिक माफी को महज कानूनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करार दिया जा चुका है। बाद में दी गई ऑनलाइन माफी से भी अदालत संतुष्ट नहीं हुई।
एसआईटी रिपोर्ट पर सरकार की चुप्पी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से अभियोजन की मंजूरी पर कोई कदम नहीं उठाया गया। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए और दो हफ्ते में स्थिति स्पष्ट की जाए। बेंच ने यह भी बताया कि एसआईटी रिपोर्ट में विजय शाह से जुड़े कुछ अन्य कथित आपत्तिजनक बयानों का भी जिक्र है। इन मामलों में आगे क्या कार्रवाई प्रस्तावित है, इस पर भी एसआईटी से रिपोर्ट मांगी गई है।
महू के बयान से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला 11 मई का है, जब मंत्री विजय शाह ने इंदौर के महू क्षेत्र के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इस बयान में उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताया था। इस बयान के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर 14 मई को मानपुर थाने में विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर को चुनौती देते हुए विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।
आप पब्लिक फिगर हैं-सुप्रीम कोर्ट
सोमवार, 19 मई को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मंत्री को सख्त लहजे में याद दिलाया कि वे एक सार्वजनिक पद पर हैं। अदालत ने कहा- 'आप पब्लिक फिगर हैं। बोलते समय आपको अपने शब्दों की मर्यादा समझनी चाहिए। आप अब लोगों के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं।'
आगे क्या?
अब निगाहें मध्य प्रदेश सरकार पर टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सरकार को दो हफ्तों में तय करना होगा कि विजय शाह के खिलाफ आपराधिक मुकदमा कब और कैसे शुरू किया जाएगा।
