बांग्लादेश में ऑटो चालक समीर दास की निर्मम हत्या, 23 दिनों में 7वां मामला

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय (हिंदू) के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। फेनी जिले के डागनभुइयां उपजिले में रविवार रात कुछ अज्ञात लोगों ने 28 वर्षीय हिंदू युवक समीर कुमार दास की पीट-पीटकर और चाकू मारकर हत्या कर दी।
समीर दास 23 वर्ष के थे और ऑटोरिक्शा चालक थे। रविवार शाम करीब 7 बजे वह ऑटोरिक्शा लेकर घर से निकले थे। लेकिन देर रात तक घर न लौटने पर परिवार चिंतित हो गया। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। रात करीब 2 बजे स्थानीय लोगों ने एक खेत में युवक का खून से लथपथ शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। बाद में उसकी पहचान समीर दास के रूप में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार हत्या पूरी तरह से प्लानिंग के साथ की गई थी।
सुनसान इलाके में हत्या
जानकारी के अनुसार, समीर की हत्या देसी हथियारों से की गई है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने उन्हें सुनसान जगह पर ले जाकर हत्या की। पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल लूट का नहीं, बल्कि पहले से हत्या की प्लानिंग का लग रहा है। फिलहाल किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
23 दिनों में हिंदुओं की सातवीं हत्या
बांग्लादेश में समीर दास की हत्या का मामला कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी बांग्लादेश में हिंदूओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। पिछले 23 दिनों में बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या की यह सातवीं घटना है। इससे पहले 5 जनवरी को नरसिंदी जिले में हिंदू दुकानदार शरत चक्रवर्ती मणि की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने अल्पसंख्यक समुदाय में भय का माहौल बना दिया है।
भारत ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं और बांग्लादेश सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि अल्पसंख्यकों में सुरक्षा का भरोसा कायम हो सके।
